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'लापता' परमबीर सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, चिदंबरम ने किया तंज

राष्ट्रीय जांच एजेंसियां पूछताछ के लिए परमबीर सिंह को कई बार बुला चुकी हैं, लेकिन वह अब तक पेश नहीं हुए. ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह चंडीगढ़ में हो सकते हैं.

परमबीर सिंह (फाइल फोटो) परमबीर सिंह (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • परमबीर सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
  • चिदंबरम ने ली चुटकी

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह उगाही मामले में महीनों से 'लापता' चल रहे हैं और उनकी तलाश क्राइम ब्रांच की टीम कर रही है. ऐसे में अब परम बीर सिंह के खिलाफ ठाणे कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है. यह वारंट रंगदारी के मामले में जारी किया गया है.

वहीं कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने ट्वीट करते हुए कहा कि क्या यह विचित्र नहीं है कि मुंबई पुलिस अपने पूर्व पुलिस आयुक्त को नहीं ढूंढ पा रही है? उन्होंने आगे लिखा कि यह बचपन के पसंदीदा खेल लुकाछिपी का 21वीं सदी के अच्छे दिन का वर्जन है.
 

बता दें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसियां पूछताछ के लिए परमबीर सिंह को कई बार बुला चुकी हैं, लेकिन वह अब तक पेश नहीं हुए. ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह चंडीगढ़ में हो सकते हैं. जांच के लिए बनाए गए चांदीवाल आयोग की कार्रवाई के दौरान मुंबई में सीनियर एडवोकेट अभिनव चंद्रचूड़ और आसिफ लम्पवाला, पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की ओर से पेश हुए और उनकी ओर से पावर ऑफ अटॉर्नी के साथ दिए गए एक हलफनामे को दायर किया.

परमबीर ने अनिल देशमुख पर लगाए थे आरोप

परमबीर सिंह ने इसी साल मार्च में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे. इसके बाद राज्य सरकार ने जांच के लिए चांदीवाल आयोग का गठन किया जबकि सीबीआई ने देशमुख के खिलाफ जांच शुरू की.

हालांकि, पिछली कुछ सुनवाई के दौरान समन जारी किए जाने के बावजूद, परमबीर सिंह आयोग के सामने पेश नहीं हुए, जिसके बाद चांदीवाल आयोग ने जमानती वारंट जारी किया था. लेकिन इस जमानती वारंट पर अमल नहीं हो सका क्योंकि पूर्व कमिश्नर का कहीं पता नहीं चल रहा था. दूसरी ओर, उन्होंने आयोग के सामने नहीं आने के लिए खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया था.

पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह इस साल 4 मई से छुट्टी पर चल रहे हैं. इसके बाद वह दो बार अपनी छुट्टी बढ़वा भी चुके हैं. इसके बाद में उन्होंने न कोई जानकारी दी और ना ही ड्यूटी पर लौटे. जस्टिस चांदीवाल आयोग का गठन राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ परमबीर सिंह की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच के लिए किया गया था. आयोग ने पेश ना होने पर परमबीर सिंह के खिलाफ अब तक दो जमानती वारंट जारी कर चुकी है.

 

 

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