देश में कोरोना टीकाकरण की शुरुआत हो चुकी है. भारत ने पहले दिन दो लाख से अधिक लोगों को टीका लगाकर रिकॉर्ड भी बना दिया. लेकिन इस सबसे इतर देश में वैक्सीनेशन को लेकर राजनीति भी चरम पर हो रही है, जिसकी झलक राजधानी दिल्ली में भी देखने को मिली. दरअसल, टीकाकरण के पहले दिन दिल्ली में लक्ष्य से आधे लोगों को ही वैक्सीन दी जा सकी जिसपर विवाद हुआ है.
दरअसल, हर राज्य में एक दिन में वैक्सीनेशन को लेकर कुछ टारगेट रखे गए हैं. 16 जनवरी को वैक्सीनेशन के पहले दिन दिल्ली में कुल 8100 लोगों को टीका लगना था, लेकिन सिर्फ 4319 लोगों को ही लग सका.
— Ministry of Health (@MoHFW_INDIA)
In the world's largest vaccination program, 191,181 beneficiaries were vaccinated across the country today.
ऐसे में अब कांग्रेस ने इसपर सवाल खड़े किए हैं, आरोप लगाया है कि केंद्र में और दिल्ली की तीनों एमसीडी में बीजेपी सत्ता में है, फिर भी इतना कम वैक्सीनेशन क्यों हुआ है. दूसरी ओर बीजेपी ने आम आदमी पार्टी को घेरना शुरू कर दिया है. बीजेपी का कहना है कि केजरीवाल सरकार ही वैक्सीनेशन का काम देख रही है, ऐसे में सारी जिम्मेदारी उनकी है.आपको बता दें दिल्ली में वैक्सीनेशन सेंटर्स की संख्या 81 है. इनमें एमसीडी के अस्पतालों को शामिल नहीं किया गया है. सिर्फ केंद्र और राज्य सरकारों के अस्पताल में ही वैक्सीनेशन का काम किया जा रहा है. ऐसे में बीजेपी की ओर से आरोप लगाया गया है कि जानबूझकर ही एमसीडी के अस्पतालों को यहां से दूर रखा गया है.
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गौरतलब है कि देश में 16 जनवरी से वैक्सीनेशन की शुरुआत हुई थी. अभी तक देश में तीन लाख के करीब लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है, जल्द ही देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार को बढ़ाया जाएगा. शुरू में लक्ष्य है कि तीन करोड़ कोरोना वॉरियर्स को वैक्सीन दी जाए. दिल्ली में भी जल्द ही सेंटर्स की संख्या एक हजार तक करने का लक्ष्य है, इसके अलावा अन्य राज्यों में भी वैक्सीनेशन को रफ्तार दी जा रही है.