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पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय के वीडियो पर विवाद, पुलिस फाउंडेशन ने कहा- क्या सीखेंगे जूनियर्स?

फाउंडेशन ने ट्वीट में लिखा है, इस तरह का वीडियो प्रसारित करने वाला एक राज्य का DGP अपने कार्यालय और वर्दी को बदनाम करता है. अपने जूनियर्स के लिए एक बुरी मिसाल कायम करता है.

गुप्तेश्वर पांडेय गुप्तेश्वर पांडेय
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गुप्तेश्वर पांडेय के चुनाव लड़ने की अटकलें
  • सुशांत मामले में सुर्खियों में रहे पूर्व डीजीपी
  • गुप्तेश्वर पांडेय ने हाल में ली है वीआरएस

बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने के बाद चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं. सुशांत सिंह राजपूत मामले पर बेबाक राय रखने वाले गुप्तेश्वर पांडे का नाम बीते दिनों कई बार सुर्खियों में रहा है. कभी मुंबई पुलिस से तनातनी तो कभी आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाने की खबरें, वे हर बार सुर्खियों में रहे. इस बीच उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें गुप्तेश्वर पांडेय के कार्यों का जिक्र है और उनका महिमामंडन किया गया है. यह वीडियो एक गाने के साथ है जिसका बोल है- जनता के हीरो...इनका काम जबर्दस्त है.

गुप्तेश्वर पांडेय के इस वीडियो को इंडियन पुलिस फाउंडेशन ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल @IPF_ORG पर जारी किया है. इंडियन पुलिस फाउंडेशन ने इस वीडियो की आलोचना की है और कहा है कि इससे जूनियर्स के लिए गलत मिसाल कायम होगी. फाउंडेशन ने ट्वीट में लिखा है, इस तरह का वीडियो प्रसारित करने वाला एक राज्य का DGP अपने कार्यालय और वर्दी को बदनाम करता है. अपने जूनियर्स के लिए एक बुरी मिसाल कायम करता है. यह आचरण नियमों का उल्लंघन भी है. वीडियो में गुप्तेश्वर पांडेय को 'हीरो' के तौर पर दिखाते हुए उनके कार्यों की तारीफ की गई है. वीडियो को गाने के साथ जारी किया गया है.

इंडियन पुलिस फाउंडेशन ने जो वीडियो ट्वीट किया है, उसे ‘बिग बॉस-12’ के कंटेस्टेंट रह चुके दीपक ठाकुर ने गुप्तेश्वर पांडेय के साथ एक गाना बनाया है. इस गाने के बोल ‘रॉबिनहुड बिहार के’ हैं. वीडियो में गुप्तेश्वर पांडेय का भरपूर महिमामंडन किया गया है. गाने का बोल हैं-जनता के हीरो का काम जबर्दस्त है. गाने में यह भी बताया गया है कि बिहार में माफिया और अपराधी गुप्तेश्वर पांडेय के नाम से कांपते हैं. गाने का बोल है-यारों के यार हैं, ये जनता के हीरो, इनका काम सबसे मस्त है. गली-गली मोहल्ले में चर्चा है यारों...इंसान जबर्दस्त है. मसीहा गरीब के बक्सर गंगा पार के..गुप्तेश्वर पांडेय रॉबिनहुड बिहार के.

बता दें, गुप्तेश्वर पांडेय के राजनीति में आने की अटकलों की कई राजनीतिक पार्टियों ने आलोचना की है. वहीं, गुप्तेश्वर पांडेय का कहना है कि ऐसा होना स्वाभाविक है, क्योंकि राजनीति में उनका कोई गॉडफादर नहीं है. उन्होंने कहा, मेरे पास 12 सीटों से चुनाव लड़ने का ऑफर है, मैं बिहार में कहीं से भी चुनाव लड़ सकता हूं और जीत हासिल कर सकता हूं. आजतक से बात करते हुए गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा है कि सिविल सोसायटी अब कोई आंदोलन नहीं करता है. मेरा मकसद है कि सिविल सोसायटी आगे आए और इसी मकसद को लेकर राजनीति में जाऊंगा, अगर ये नहीं कर पाया तो मेरे राजनीति में जाने का मतलब नहीं रहेगा. पूर्व डीजीपी ने यह भी कहा कि जब चोर, मवाली चुनाव लड़ सकते हैं तो मैं क्यों नहीं लड़ सकता.

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