रेलवे भर्ती बोर्ड नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी यानी आरआरबी एनटीपीसी की परीक्षा के रिजल्ट में कथित धांधली के आरोप को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है. इसी से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर जैसे हैशटैग्स के साथ एक हो रही है.
तस्वीर में एक युवक बिस्तर पर लेटा हुआ है जिसकी पीठ पर चोट के कई निशान दिख रहे हैं.
आरजेडी विधायक जितेंद्र कुमार राय ने करते हुए लिखा, “अपने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को धन्यवाद कह देना कि वो छात्र जिंदा लौट आया, जो अपने हक की मांग करने सरकार के समक्ष गया हुआ था. जिस दिन वह ऑफिसर बनकर लौटेगा ना और सिस्टम की सफाई करेगा और सबका हिसाब लेगा तब कुछ मत कहना! #RRB_NTPC”. पोस्ट का देखा जा सकता है.
क्राउडटैंगल टूल के अनुसार, पिछले तीन दिनों में इस फोटो को करीब 80 बार पोस्ट किया गया और इस पर करीब 25 हजार इंटरैक्शन (शेयर, कमेंट और रिएक्शन) हुए.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि सोशल मीडिया पर वायरल फोटो साल 2019 से ही इंटरनेट पर मौजूद है. हालांकि यह बात सच है कि इस मामले को लेकर हुए बवाल के बाद में पुलिस द्वारा छात्रों की पिटाई के वाकये सामने आए हैं.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
खोजने पर हमें वायरल फोटो से मिलती-जुलती कुछ तस्वीरें 17 जुलाई 2019 की एक बंगाली भाषा में लिखी में मिलीं. इन तस्वीरों में भी चादर, तकिए के कवर का प्रिंट वगैरह वही है, जो वायरल फोटो में दिख रहा है. इनसे तुलना करने पर साफ हो जाता है कि वायरल फोटो भी इसी मामले से जुड़ी है.
पोस्ट में इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि ये कहां की और किस घटना की तस्वीर है. इसके साथ लिखे बांग्ला कैप्शन का मोटे तौर पर अनुवाद है, ‘प्यार करना आसान है, लड़की के पिता की पिटाई से बचना कठिन.’
इतनी बात तो यहीं साबित हो जाती है कि आरआरबी एनटीपीसी परीक्षा मामले से इस तस्वीर का कुछ लेना-देना नहीं है.
पिछले साल ये फोटो लॉकडाउन से जोड़कर हुई थी जिसका खंडन पश्चिम बंगाल पुलिस ने किया था.
— West Bengal Police (@WBPolice)
प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो ने भी इस तस्वीर के साथ किए जा रहे दावे को भ्रामक बताया है.
A contextually misleading image is being circulated on social media.
▶️This image is old and was found to be viral with fake claims on numerous occasions.
▶️Kindly refrain from sharing such misleading images.
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck)
राजनीतिक पार्टियां भी कर रही हैं समर्थन
28 जनवरी को छात्रों ने बिहार बंद का आयोजन किया जिसे आरजेडी, जन अधिकार पार्टी, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और विकासशील इंसान पार्टी जैसे राजनीतिक दलों का समर्थन मिला.
इस मामले को लेकर देश में कई जगह ट्रेनों में आग लगाने और रेलवे स्टेशन में तोड़फोड़ करने जैसी घटनाएं हुईं हैं. यूपी के प्रयागराज में भी इसे लेकर काफी बवाल हुआ था जिसके बाद पुलिस ने लॉज में घुसकर छात्रों कोे पीटा था. इस मामले में .