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कोरोना के इलाज में ऐसे उठाएं 'आयुष्मान भारत योजना' का लाभ, जानें जरूरी बातें

कोरोना का इलाज ‘आयुष्मान भारत’ का हिस्सा
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कोरोना महामारी की शुरुआत के समय ही सरकार ने कोरोना की जांच और इलाज को ‘आयुष्मान भारत योजना’ में शामिल कर दिया था. ‘आयुष्मान भारत’ को ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ नाम से भी जाना जाता है. कुछ राज्य सरकारों ने कोरोना के इलाज के लिए इस योजना का दायरा ऑक्सीजन की आपूर्ति से लेकर अनिवार्य दवाओं के खर्च को पूरा करने तक बढ़ा दिया है. आगे की स्लाइड्स में जानें क्या है ये पूरी योजना.
(Photos: File)

50 करोड़ लोगों को मिलता है फायदा
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आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के गरीब, वंचित और कमजोर तबके के 10 करोड़ परिवारों को स्वास्थ्य बीमा की सुविधा मिलती है. इस योजना के तहत इन परिवारों को यानी 50 करोड़ लोगों सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मिलता है. हालांकि इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपके पास कुछ पात्रताएं होना जरूरी है. जानें अगली स्लाइड में.
 

ग्रामीण इलाकों में ये हैं योजना के पात्र
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ग्रामीण इलाके में इस योजना का लाभ वही लोग उठा सकते हैं जिसका कच्चा मकान हो, परिवार में कोई व्यस्क (16-59 साल) ना हो, परिवार की मुखिया महिला हो, परिवार में कोई दिव्यांग हो, परिवार अनुसूचित जाति/जनजाति से हों या व्यक्ति भूमिहीन/दिहाड़ी मजदूर बेघर, निराश्रित, दान या भीख मांगने वाला, आदिवासी या कानूनी रूप से मुक्त हुआ बंधुआ मजदूर हो.

शहरों में उठा सकते हैं ये लोग लाभ
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शहरी इलाकों में भिखारी, कूड़ा बीनने वाला, घरेलू कामकाज करने वाला, रेहड़ी-पटरी वाला, फेरी वाला, प्लंबर, राजमिस्त्री, मजदूर, पेंटर, वेल्डर, सिक्योरिटी गार्ड, कुली, सफाईकर्मी, टेलर, ड्राइवर, रिक्शाचालक या किसी दुकान पर काम करने वाला व्यक्ति इस योजना का लाभ उठा सकता है.

कौन-कौन सी बीमारियों का होता है इलाज
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इस योजना के तहत सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ प्राइवेट अस्पतालों को भी जोड़ा गया है. इसमें मिलने वाले बीमा के तहत लगभग सभी तरह की बीमारियों का इलाज कवर होता है. जैसे कैंसर सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी, हृदय संबंधी सर्जरी, न्यूरो (मस्तिष्क) सर्जरी, रीढ़ की सर्जरी, दांतों की सर्जरी, आंखों की सर्जरी और एमआरआई और सीटी स्कैन जैसे विशेष परीक्षण शामिल हैं. सिर्फ सर्दी, जुकाम, बुखार और खांसी जैसी बीमारियों का इलाज इसमें शामिल नहीं है. अब सवाल उठता है कि जब सर्दी, खांसी का इलाज इसमें शामिल नहीं है तो इसमें कोरोना का इलाज कैसे होगा? तो पढ़ें अगली स्लाइड.

कोरोना के इलाज के लिए होना होगा भर्ती
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कोरोना के लक्षण भी सर्दी, जुकाम, खांसी या बुखार जैसे हैं. लेकिन इसके लिए अलग से एक जांच आरटी-पीसीआर होती है. वहीं आयुष्मान भारत योजना के तहत किसी भी बीमारी का इलाज पाने के लिए आपको कम से कम एक दिन अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है. ऐसे में यदि आप कोरोना पॉजिटिव हैं और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होते हैं तो आपको योजना का लाभ मिलेगा ही.
 

कोरोना में quarantine होने का खर्चा भी शामिल
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आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले आप अपनी पात्रता जान लीजिए. इसे www.pmjay.gov.in पर ऑनलाइन या 14555 और 1800111565 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके जांच सकते हैं. यदि आप पात्र है तो आपको आयुष्मान भारत योजना से जुड़े प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना का इलाज मिलेगा. यदि आपको प्राइवेट अस्पताल में कोरोना के लिए quarantine करने की जरूरत पड़ती है तो उसका खर्च भी इस बीमा में कवर होगा. अगली स्लाइड में जानें कौन से अस्पताल में कैसे मिलेगा इलाज.

इन अस्पतालों में होगा कोरोना का इलाज
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देश में सरकारी अस्पतालों में गरीबों के लिए पहले से ही इलाज मुफ्त है. आयुष्मान भारत योजना का लक्ष्य ही इस काम में प्राइवेट अस्पतालों को जोड़ना है. ऐसे में आयुष्मान भारत योजना के पैनल पर देशभर के कई प्राइवेट अस्पतालों को जोड़ा गया है. आप ऑनलाइन या हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके पता कर सकते हैं कि आपके नजदीक का कौन सा अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से जुड़ा है. इसका चुनाव करने के बाद उस अस्पताल में आपकी मदद के लिए एक आयुष्मान मित्र या आरोग्य मित्र होगा जो भर्ती होने से लेकर दस्तावेज की जांच तक में आपकी मदद करेगा. अगली स्लाइड में जानें कौन-कौन से दस्तावेज होने चाहिए.
 

 अस्पताल में लगेंगे ये दस्तावेज
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आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभ पाने के लिए पात्र व्यक्ति को ई-कार्ड या अन्य तरीके से अपनी पात्रता दिखानी होगी. वहीं उसे कुछ दस्तावेज जैसे कि आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड या राशन कार्ड जैसा कोई पहचान पत्र दिखाना होगा. आरोग्य मित्र पात्र व्यक्ति को अस्पताल में मुफ्त इलाज दिलाने के लिए सभी जरूरी मदद करेगा. इलाज के दौरान कौन से खर्चे बीमा में कवर होते हैं पढ़ें अगली स्लाइड में.

इलाज के साथ ये खर्चे भी होते हैं कवर
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आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने से 3 दिन पहले और 15 दिन बाद तक का इलाज और दवाइयां मुफ्त उपलब्ध होती हैं. योजना में 1,393 पैकेज शामिल किए गए हैं जो अस्पताल में आईसीयू, लेबोरेटरी टेस्ट, अस्पताल में रहने और खाने के खर्चे इत्यादि को भी कवर करते हैं.