ज्वालामुखी फटने से दिन में हुई रात, 65 मरे, हजारों लोग बेघर

संपर्क ना हो पाने के कारण कई लोग अब तक लापता हैं. कम रोशनी और खतरनाक स्थितियों की वजह से लापता और मृतकों के लिए खोज और बचाव अभियान भी कुछ समय के लिए रोक दिए गए हैं.

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‘वोल्कन डे फुगो’ ‘वोल्कन डे फुगो’

अनुग्रह मिश्र

  • ग्वाटेमाला सिटी,
  • 05 जून 2018,
  • अपडेटेड 12:01 PM IST

पेसिफिक रिंग ऑफ फायर से सटे देश ‘ग्वाटेमाला’ में लंबे समय से सक्रिय ज्वालामुखी ‘वोल्कन डे फुगो’ या 'आग का ज्वालामुखी' में विस्फोट हुआ. बता दें, रविवार की शाम हुए इस ज्वालामुखी विस्फोट से अब तक 65 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं.  

जानलेवा ‘वोल्कन डे फुगो’

संपर्क ना हो पाने के कारण कई लोग अब तक लापता हैं. कम रोशनी और खतरनाक स्थितियों की वजह से लापता और मृतकों के लिए खोज और बचाव अभियान भी कुछ समय के लिए रोक दिए गए हैं. आसमान में राख फैल जाने के कारण ग्वाटेमाला के हवाईअड्डे को भी बंद कर दिया गया है.

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राष्ट्रीय शोक

ग्वाटेमाला सरकार ने तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा कर दी है.

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ज्वालामुखी में विस्फोट की वजह

ग्वाटेमाला का 'वोल्कन डे फुगो' एक सबडक्शन क्षेत्र पर स्थित है, जहां कोकोज़ प्लेट केरेबियन प्लेट के नीचे हलचल करती रहती है, इसी हलचल के कारण ज्वालामुखी में लावा बनता रहता है और इसी वजह से ज्वालामुखी में समय-समय पर विस्फोट होते रहते हैं. इस बार का विस्फोट पिछले 40 सालों में हुए विस्फोटों में सबसे घातक बताया जा रहा है.

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