तुर्की के लिए 6 फरवरी यानी सोमवार का दिन काला साबित हुआ. सुबह से शाम तक तीन बार भूकंप तुर्की की धरती को हिला चुका है. आलम ऐसा है कि तुर्की के ना जाने कितने इलाकों में सब तहस-नहस हो गया है. एक हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई है. पांच हजार से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. पहला भूकंप सुबह के समय 7.8 तीव्रता के साथ आया, जबकि दूसरी बार भूकंप की तीव्रता 7.5 मापी गई और तीसरी बार 6.0 तीव्रता के झटके लोगों ने महसूस किए हैं.
भूकंप की वजह से काफी संख्या में इमारतें जमींदोज हो गई हैं. काफी संख्या में लोग इन इमारतों के मलबे में भी दबे हुए हैं, जिन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है. बचाव राहत दल कई लोगों का रेस्क्यू भी कर चुका है. भूकंप से मची तबाही के बाद तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने उच्च स्तरीय बैठक की है. राष्ट्रपति ने कहा है कि इस भूकंप के पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी.
तुर्की में भूकंप के बाद मची तबाही के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. इन वीडियो को देखकर कोई भी खौफ में आ सकता है. वीडियो में सेकेंडों के अंदर इमारतें गिरती हुई नजर आ रही हैं. साथ ही बदहवास हालत में ऐसे लोग भी नजर आ रहे हैं, जिनका कोई अपना मलबे में दबा रह गया है. काफी लोग सड़कों से गुजरते हुए वीडियो के जरिए तबाही को दिखाने की कोशिश कर रहे हैं.
इस वीडियो में देखिए सबसे खौफनाक मंजर, कैसे सेकेंडों में गिर गई इतनी ऊंची इमारत
दूसरे भूकंप के बाद करीब 18 झटके आए, जिनकी तीव्रता 5.7 तक मापी गई. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह झटके (आफ्टर शॉक) अभी अगले एक महीने तक लग सकते हैं.
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भूकंप के बाद गिरती हुई बिल्डिंग का यह वीडियो आपको डरा देगा
भूकंप से भरभराकर गिरी बहुमंजिला इमारत
इस वीडियो में देखिए भूकंप के बाद कैसी हो गई शहर की हालत
भूकंप के बाद इमारत के मलबे में फंस गई महिला, ऐसे मांग रही सोशल मीडिया पर मदद
भूकंप के बाद आफ्टर शॉक कंडीशन की चिंता
तुर्की में जहां सोमवार को तीन बार आए भूकंप ने सब तहस-नहस कर दिया तो वहीं अब आफ्टर शॉक कंडीशन की वजह से वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ गई है.
दरअसल, आफ्टर शॉक कंडीशन उस समय को कहते हैं, जब भूकंप आने के बाद छोटे-छोटे झटके लगते रहते हैं. कई बार यह आफ्टर शॉक कंडीशन कई महीनों तक बनी रहती है.
चिंता की बात यह है कि तीन बार भूकंप से जहां कई इमारतें जमींदोज हो गईं तो काफी बिल्डिंगें ऐसी भी थीं, जिनमें थोड़ा नुकसान हुआ. अब डर है कि आफ्टर शॉक कंडीशन में यह इमारतें भी गिर सकती हैं, क्योंकि ये पहले ही बहुत कमजोर हो गई हैं.
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