सैयद रेफात अहमद ने बांग्लादेश के 25वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ले ली है. राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने रविवार को बंगभवन के दरबार हॉल में उन्हें पद की शपथ दिलाई. शनिवार को राष्ट्रपति ने सैयद रेफात अहमद की नियुक्ति की. इस संबंध में कानून मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर दी है.
अधिसूचना के अनुसार, 'राष्ट्रपति ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ बांग्लादेश के संविधान के अनुच्छेद 95 (1) के अनुसार उन्हें प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सर्वोच्च न्यायालय के उच्च न्यायालय प्रभाग के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सैयद रेफत अहमद को बांग्लादेश का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है.'
कौन हैं सैयद रेफात?
सैयद रेफात अहमद का जन्म 28 दिसंबर, 1958 को हुआ था. उनके पिता, बैरिस्टर सैयद इश्तियाक अहमद, बांग्लादेश के पूर्व अटॉर्नी जनरल के रूप में कार्यरत थे. उनकी मां, डॉ. सूफिया अहमद, बांग्लादेश की नेशनल प्रोफेसर और ढाका विश्वविद्यालय में इस्लामी इतिहास और संस्कृति की एक प्रमुख प्रोफेसर थीं.
छात्र आंदोलन ने की थी नियुक्ति की मांग
भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन ने पहले मांग की थी कि सैयद रेफात अहमद को मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया जाए. इसके बाद, ओबैदुल हसन ने बांग्लादेश की चीफ जस्टिस के पद से इस्तीफा दे दिया था. बाद में, अपीलीय प्रभाग के न्यायाधीश मोहम्मद अशफाकुल इस्लाम को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया.
ओबैदुल हसन ने दिया था इस्तीफा
प्रदर्शनकारियों की मांग पर बांग्लादेश के चीज जस्टिस ओबैदुल हसन ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया था. प्रदर्शनकारियों ने ढाका में सुप्रीम कोर्ट को घेर लिया था और चीफ जस्टिस सहित सभी जजों को दोपहर 1 बजे तक इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया था. इसके बाद चीफ जस्टिस ने राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन से परामर्श करने के बाद अपना इस्तीफा सौंप दिया.
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