भारत से शुरू हुआ डिजिटल इंडिया अभियान अब स्टेट बैंक के जरिए नेपाल तक पहुंच गया है. भारतीय स्टेट बैंक की चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य की मौजूदगी में नेपाल स्टेट बैंक ने वहां के एक गांव जाहरसिंग पाउवा को डिजिटल बनाया. भट्टाचार्य ने नेपाल की राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी से मुलाकात करने के साथ ही एनएसबीएल की नई परियोजना इन टच की भी शुरुआत की.
इन टच योजना के तहत गांवों को डिजिटल लेनदेन की सुविधा मुहैया कराने के लिए तमाम उपकरण और प्रशिक्षण देने का काम नेपाल स्टेट बैंक कर रहा है. इस सिलसिले में गांवों को इंटरनेट बैंकिंग क्योस्क, फ्री वाईफाई, चार जगहों पर प्वाइंट ऑफ सेलिंग यानी पीओएस के अलावा कैश रिसाइक्लर मशीन जैसी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं. इस पायलट प्रोजेक्ट से इस गांव के 443 घरों के सवा दो हजार लोगों को सीधा फायदा पहुंचने लगा है.
गौरतलब है कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां निभाने के सिलसिले में नेपाल स्टेट बैंक ने भूकंप के चार घंटे के भीतर अपने एटीएम और ब्रांच चालू कर दी थीं.स्टेट बैंक ने पशुपतिनाथ मंदिर विकास और पुनर्निर्माण में भी योगदान दिया. नेपाल के मशहूर पर्यटन स्थल पोखरा के सौंदर्यीकरण में भी स्टेट बैंक का योगदान रहा. यानी नेपाल का दिल जीतने में नेपाल स्टेट बैंक ने कोई कसर नहीं छोड़ी है. अब स्टेट बैंक नेपाल की ग्रामीण जनता को डिजिटल लेनदेन के लिए तैयार करने में जुटा है. स्टेट बैंक दुनिया के पचास लीडिंग बैंकों में शुमार किया जाता है.
संजय शर्मा