स्पेन में फल-फूल रहा सेक्स का कारोबार, प्रधानमंत्री ने किया ये ऐलान

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने वेलेंसिया में अपनी सत्तारूढ़ सोशलिस्ट वर्कर्स पार्टी के तीन दिवसीय सम्मेलन में बोलते हुए वेश्यावृत्ति पर रोक लगाने की शपथ ली. सांचेज ने कहा कि यह एक ऐसी प्रथा है जो महिलाओं को गुलाम बनाती है.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 10:08 AM IST
  • स्पेन के PM ने ली वेश्यावृत्ति पर रोक लगाने की शपथ
  • स्पेन में 1995 से अपराध मुक्त है वेश्यावृत्ति

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने रविवार को देश में वेश्यावृत्ति को अपराध घोषित करने का संकल्प लिया. उन्होंने वेलेंसिया में अपनी सत्तारूढ़ सोशलिस्ट वर्कर्स पार्टी के तीन दिवसीय सम्मेलन में बोलते हुए वेश्यावृत्ति पर रोक लगाने की शपथ ली. सांचेज ने कहा कि यह एक ऐसी प्रथा है जो महिलाओं को गुलाम बनाती है और महिलाओं के खिलाफ हिंसा का सबसे खराब रूप है.

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अरबों का कोराबार- 1995 में स्पेन में वेश्यावृति को अपराध के दायरे से बाहर कर दिया गया था. 2016 में संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक, देश में वेश्यावृत्ति का कारोबार 4.2 बिलियन डॉलर यानी करीब 4.2 अरब डॉलर से भी ज्यादा का था. साल 2009 की एक सर्वे रिपोर्ट बताती है कि स्पेन में हर तीसरा शख्स सेक्स के लिए कीमत अदा करता है.

हालांकि 2009 में ही प्रकाशित एक अन्य रिपोर्ट बताती है कि यह आंकड़ा 39 फीसद तक बढ़ा हुआ हो सकता है. साल 2011 में संयुक्त राष्ट्र ने स्पेन को वेश्यावृत्ति का दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा केंद्र माना था. इस मामले में स्पेन से आगे सिर्फ थाईलैंड और पुर्तो रिको ही थे.

वेश्यावृत्ति के दलदल में 3 लाख महिलाएं- स्पेन में पैसों के बदले सेक्स सर्विस लेने वालों के लिए कोई सजा तय नहीं की गई है, जब तक कि ऐसा किसी सार्वजनिक स्थल पर ना किया गया हो. हालांकि वेश्यावृति में दलाली या किसी सेक्स वर्कर और क्लाइंट के बीच प्रतिनिधि के रूप में कार्य करना देश में गैर-कानूनी है. देश में वेश्यावृत्ति को वैध करार दिए जाने के बाद ये इंडस्ट्री तेजी से आगे बढ़ी है. स्पेन में तकरीबन तीन लाख महिलाएं वेश्यावृत्ति के कारोबार में संलिप्त हैं.

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साल 2019 में स्पेन की पुलिस ने 896 महिलाओं को वेश्यावृत्ति के दलदल से मुक्त कराया था. रिपोर्ट के मुताबिक, यौनकर्मी के रूप में काम करने वाली इनमें से 80 फीसद से ज्यादा महिलाएं माफियाओं के चुंगल में थीं. यौन शोषण को रोकने के लिए अभियान चलाने वाली APRAMP नाम की एक संस्था कहती है कि वेश्यावृत्ति महिलाओं की यौन स्वतंत्रता की अभिव्यक्ति नहीं है. इसकी बाध्यता हिंसा, अधिकारों का हनन, आर्थिक चुनौतियां और लैंगिकवादी पितृसत्तात्मक संस्कृति से जुड़ी हुई है. सोशलिस्ट पार्टी का यह प्रस्ताव एक ऐसे वक्त में सामने आया है जब लैंगिक हिंसा और सहमति के साथ शारीरिक संबंध बनाने जैसे मुद्दे सार्वजनिक बहस का हिस्सा बने हुए हैं.

दक्षिण-पूर्वी स्पेन में सेक्स वर्कर्स को सपोर्ट देने वाली एक संस्था CATS का कहना है कि ऐसी योजनाओं से सेक्स वर्कर्स का उन्मूलन संभवन नहीं है. अगर आप इसमें संलिप्त लोगों को उनके ठिकाने या फ्लैट से बाहर निकालेंगे, जहां वो काम करते हैं तो वे सड़कों पर ऐसा करने के लिए मजबूर हो जाएंगे. ऐसी परिस्थिति में सेक्स वर्कर्स से माफियाओं को खतरा और ज्यादा बढ़ जाएगा.

एक स्पेशनिश पत्रकार सेसर जारा ने सेक्स इंडस्ट्री पर रिसर्च की है और उन्होंने Efe न्यूज एंजेंसी को बताया है कि स्पेन में वेश्यावृत्ति का 95 प्रतिशत कारोबार मुक्त रूप से नहीं हो रहा है. इसमें किसी ना किसी तरह का दबाव जरूर होता है. फिर चाहे महिलाएं सामाजिक-आर्थिक तंगी, धमकी या किसी दबाव में ही ऐसा क्यों ना करती हों. यूरोप में जर्मनी के बाद स्पेन वेश्यावृत्ति का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है और यहां इंटरेशनल माफियाओं की मजबूत पकड़ है.

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