सऊदी अरब में अबाया पर बड़ा फैसला, लड़कियों को परीक्षा हॉल में पहनकर आने की इजाजत नहीं

सऊदी अरब के शिक्षा विभाग ने एक अहम फैसले में परीक्षा हॉल में लड़कियों के अबाया पहनकर आने पर रोक लगा दी है. अबाया सऊदी अरब में लड़कियों और महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले बुर्के को कहते हैं. काले रंग के इस लिबास में उनका पूरा शरीर ढका होता है.

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UAE में अबाया पहनीं दो महिलाएं (फाइल फोटो- AFP) UAE में अबाया पहनीं दो महिलाएं (फाइल फोटो- AFP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 10:13 PM IST

सऊदी अरब ने देश में पारंपरिक रूप से पहने जाने वाले अबाया को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सऊदी अरब की लड़कियां अब परीक्षा के दौरान अबाया नहीं पहन सकेंगी. अबाया एक तरह का बुर्का होता है, जिसमें महिलाओं-लड़कियों का पूरा शरीर ढका होता है. अबाया सऊदी अरब की महिलाओं का पारंपरिक लिबास है. 

सऊदी एजुकेशन और ट्रेनिंग इवोल्यूशन कमीशन (ETEC) ने घोषणा की है कि परीक्षा के दौरान लड़कियों को परीक्षा हाल में अबाया पहनने की अनुमति नहीं होगी.  

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ETEC ने जोर देकर कहा है कि छात्राओं को परीक्षा में बैठने के दौरान स्कूल यूनिफॉर्म के नियमों का पालन करना चाहिए. ETEC का कहना है कि स्कूल यूनिफॉर्म सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार होना चाहिए, साथ ही ये ड्रेस सार्वजनिक मर्यादा के अनुकूल भी होने चाहिए. 

बता दें कि ETEC को पहले शिक्षा मूल्यांकन प्राधिकरण के रूप में जाना जाता था. यह सऊदी अरब का एक सरकारी संगठन है जो शिक्षा मंत्रालय के समन्वय में सऊदी अरब में शैक्षिक और ट्रेनिंग सिस्टम की योजना बनाने,  मूल्यांकन और उन्हें मान्यता देने के लिए जिम्मेदार है. ETEC कानूनी और आर्थिक रूप से स्वतंत्र है और सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करता है. 

प्रिंस सलमान ने कई सामाजिक बदलावों को दी इजाजत

बता दें कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कई लिबरल फैसले लिए हैं.  2017 में क्राउन प्रिंस के रूप में ताजपोशी के बाद उन्होंने एक शाही फरमान जारी कर कहा कि सऊदी अरब की महिलाएं जून 2018 से ड्राइविंग लाइसेंस ले सकेंगी. यानि वे कार चला सकेंगी. 

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इसके बाद मार्च 2018 में कानून मंत्रालय द्वारा यह घोषणा की गई थी कि सऊदी अरब में तलाकशुदा महिलाएं अपने बच्चों की कस्टडी तुरंत ले सकेंगी. 

सऊदी अरब में अब महिलाएं स्टेडियम में खेल प्रतिस्पर्धाओं में भी भाग ले सकती हैं. इसके अलावा 21 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को अकेले घुमने की भी इजाजत है.  

इसके अलावा कुछ ही दिन पहले सऊदी अरब सरकार ने हज या उमरा करने वाली महिलाओं को बिना महरम यानी पुरुष गार्जियन के हज पर आने की छूट देने की घोषणा की. 

 

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