इजरायल और फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास के बीच जंग जारी है. इस जंग में दुनिया के अलग-अलग देश अपनी सहूलियत के हिसाब से किसी एक देश को समर्थन दे रहे हैं. जहां भारत, अमेरिका जैसे देश खुलकर इजरायल का समर्थन कर रहे हैं तो वहीं पाकिस्तान, अपगानिस्तान, कुबैत जैसे देश फिलिस्तीन के पक्ष में हैं.
वहीं अब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खुलकर फिलिस्तीन का समर्थन कर दिया है. रूसी राष्ट्रपति पुतिन का कहना है कि 'स्वतंत्र संप्रभु' फिलिस्तीनी राज्य का निर्माण एक जरूरत है.
सभी मुस्लिम देशों ने चुना फिलिस्तीन का पक्ष
रूस के अलावा इस लड़ाई को लेकर लगभग सभी मुस्लिम देशों ने भी अपनी प्रतिक्रया दी है और लड़ाई के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है. सऊदी, कतर, पाकिस्तान जैसे सभी मुस्लिम देशों ने इजरायल की निंदा करते हुए कहा है कि फिलिस्तीनियों के लिए अलग राज्य (टू नेशन सॉल्यूशन) की स्थापना होनी चाहिए. लेकिन मध्य-पूर्व के दो इस्लामिक देशों ने बाकी मुस्लिम देशों से अलग रुख अपनाया है. अब तक जितने भी मुस्लिम देशों की प्रतिक्रिया सामने आई है, किसी ने भी इजरायल पर हमले के लिए हमास को निशाने पर नहीं लिया है, लेकिन संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन ने हमास की निंदा कर सबको चौंका दिया है.
UAE, बहरीन समेत सभी मुस्लिम देश कभी इजरायल को मध्य-पूर्व में 'अछूत' की तरह देखते थे और उससे किसी तरह का रिश्ता नहीं रखा था. लेकिन अमेरिका की कोशिशों के परिणामस्वरूप सितंबर 2020 में यूएई और बहरीन ने इजरायल के साथ अब्राहम समझौता किया और उससे राजनयिक संबंध स्थापित कर लिए. यूएई और बहरीन इजरायल के साथ संबंध स्थापित करने वाले पहले अरब देशों में शामिल हैं.
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इजरायल के 1000 लोगों की गई जान
इजरायल और फिलिस्तीन की जंग में अब तक इजरायल के लगभग 1000 लोगों की मौत हो चुकी है. इजरायल और हमास आतंकियों के बीच भीषण जंग छिड़ी हुई है. दोनों ओर से हमले जारी हैं. इस जंग की शुरुआत हमास के आतंकियों ने की थी, जिसके बाद इजरायल ने जबरदस्त पलटवार किया. इजरायल ने हमास आतंकियों के कई ठिकानों को तबाह कर दिया.
हमास ने शनिवार सुबह दागे थे हजारों रॉकेट
आतंकी संगठन हमास ने गाजा पट्टी से शनिवार को इजरायल पर अचानक हजारों रॉकेट दाग दिए थे. इसके अलावा हमास के आतंकियों ने हवा, जमीन और समुद्री सीमा से घुसकर आम नागरिकों पर हमला किया था. हमास के इन हमलों में 1000 से अधिक लोगों की मौत हो गई है. इन हमलों में चार अमेरिकी नागरिकों की भी मौत हो गई. व्हाइट हाउस ने कहा, इन हमलों में कई अमेरिकी नागरिक मारे गए हैं. ऐसे में अमेरिका ने इजरायल को समर्थन देते हुए कई बड़े कदम उठाए हैं. साथ ही अन्य देशों को इस संघर्ष से दूर रहने की चेतावनी दी है.
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