इज़राइली सेना के सेवानिवृत्त जनरल इज़राइल ज़िव ने इंडिया टुडे से बातचीत में अपना उस समय का रिएक्शन साझा किया. बता दें कि, जनरल जिव हमास और इज़राइल के बीच चल रहे इस युद्ध में एक नायक के तौर पर उभरे हैं. उन्हें न अपनी उम्र की परवाह की और न ही इस बात पर ध्यान दिया कि वह रिटायर्ड हैं.
दोस्त के बेटे को बचाने के लिए उठाया कदम
उन्हें केवल एक बात समझ आई कि वह इजरायली हैं और इस वक्त उनका देश गंभीर संकट में है. जनरल जिव ने ये जोखिम इसलिए भी उठाया, क्योंकि उनके दोस्त के बेटे इस संकट में फंस गए थे. उन्होंने अपने दोस्त के बेटे को बचाने में मदद की और हमास डेन में घुसकर फिल्मी स्टाइल में उनका रेस्क्यू किया.
सिर्फ 9 एमएमए गन और कार लेकर घुसे वॉर जोन में
जब इंडिया टुडे से खास बातचीत में उनसे पूछा गया कि आपने ये फैसला कैसे लिया कि तो उन्होंने कहा कि, जिस दिन हथियारों से लैस हमास आतंकवादियों ने इज़रायल में घुसपैठ की उस दिन वह केवल नौ-मिलीमीटर पिस्तौल से लेकर अपनी कार से ही वॉर जोन में चले गए. उन्होंने इंडिया टुडे को बताया कि जब उन्हें अलर्ट मिला तो वह अपने घर के आसपास बाइक चला रहे थे और उन्हें पहले तो स्थिति की गंभीरता का एहसास नहीं हुआ.
'स्थिति देखकर समझ गया कि कुछ बड़ा हुआ है'
"यह समझने में लगभग एक घंटा लग गया कि हमारे पास कुछ बहुत बड़ा हुआ है, कुछ ऐसा जिसे हम पहले नहीं जानते थे, इसलिए मैंने ज्यादा इंतजार नहीं किया. हमने अपने पूरे जीवन में यही प्रशिक्षण लिया है. मैंने अपनी पिस्तौल, अपनी वर्दी ले ली जो कैबिनेट में ऐसे अवसर की प्रतीक्षा कर रहा थी. मैं सैनिकों को शामिल करने के लिए गाजा गया और देखा कि मैं कैसे मदद कर सकता हूं," इसके बाद मैंने वही किया जो बतौर सैनिक एक व्यक्ति को करना चाहिए.
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