राजनीतिक उथल-पुथल के बीच पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में आम चुनाव की तारीखों का ऐलान किया गया है. पाकिस्तान चुनाव आयोग का कहना है कि जनवरी 2024 के आखिरी हफ्ते में देश में चुनाव होंगे.
चुनाव आयोग ने जारी बयान में कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन की समीक्षा और इन क्षेत्रों के परिसीमन की शुरुआती सूची 27 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी. इस सूची को लेकर आपत्ति और सुझाव के बाद 30 नवंबर को अंतिम सूची जारी की जाएगी. आयोग का कहना है कि जनवरी 2024 के आखिरी हफ्ते में चुनाव होंगे. बता दें कि नेशनल असेंबली भंग होने के 90 दिनों के भीतर पाकिस्तान में आम चुनाव होंगे.
नौ अगस्त को पाकिस्तानी संसद भंग
देश में नौ अगस्त की आधीरात को पाकिस्तान की ससंद भंग कर दी गई थी. पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सलाह पर बुधवार को आधीरात संसद भंग कर दी गई थी. इसके साथ ही शहबाज शरीफ सरकार का कार्यकाल भी समाप्त हो गया था. संसद को भंग करने को लेकर जारी नोटिफिकेशन में कहा गया था कि नेशनल असेंबली को संविधान के आर्टिकल 58 के तहत भंग किया गया है. संसद का पांच साल का कार्यकाल आधिकारिक तौर पर 12 अगस्त को खत्म होना था.
बता दें कि शहबाज शरीफ ने राष्ट्रपति अल्वी को पत्र लिखकर संसद को भंग करने की सिफारिश की थी. आर्टिकल 58 के तहत अगर राष्ट्रपति संसद भंग करने के लिए प्रधानमंत्री की सिफारिश के 48 घंटे के भीतर असेंबली को भंग नहीं करते हैं तो यह स्वत: ही भंग हो जाएगी.
पाकिस्तान सरकारों का कार्यकाल पूरा नहीं होने का इतिहास
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में सत्तारूढ़ सरकारों के कार्यकाल पूरा नहीं कर पाने का अपना एक रिकॉर्ड है. पाकिस्तान के 75 साल के इतिहास में सिर्फ 37 साल ही लोकतांत्रिक सरकारें रहीं, जिनमें कुल 22 प्रधानमंत्री हुए, लेकिन इन 22 में से कोई भी प्रधानमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया. पाकिस्तान में अब तक 32 साल सेना ने सीधे तौर पर शासन किया है और लगभग आठ सालों तक यहां की अवाम ने राष्ट्रपति शासन देखा है. सरकारों के कार्यकाल पूरा नहीं कर पाने के पीछे कई कारण हैं. सबसे बड़ा कारण है कि पाकिस्तान की राजनीति में सेना का दखल और पाकिस्तान की जनता का सरकारी संस्थानों पर विश्वास नहीं होना.
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