PAK चुनाव: नवाज के पुश्तैनी गांव में उनके लिए हो रही प्रार्थना

नवाज शरीफ का स्वास्थ्य भी ठीक नहीं है. उनकी गिरफ्तारी के बाद किसी समय उनके पुश्तैनी घर रहे जाती उमरा के लोग दुखी हैं.

Advertisement
नवाज शरीफ नवाज शरीफ

मोनिका गुप्ता / मनजीत सहगल

  • नई दिल्ली,
  • 25 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 12:39 PM IST

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी पार्टी का राजनीतिक भविष्य दांव पर लगा है. नवाज शरीफ के पुश्तैनी गांव में उनकी पार्टी की जीत के लिए प्रार्थनाएं हो रही हैं.

बता दें कि नवाज शरीफ का स्वास्थ्य भी ठीक नहीं है. उनकी गिरफ्तारी के बाद किसी समय उनके पुश्तैनी घर रहे जाती उमरा के लोग दुखी हैं. जाती उमरा के सरपंच दिलबाग सिंह और स्थानीय निवासियों जिनमें वयोवृद्ध नागरिक नाज़र सिंह सुबह सभी लोग गुरुद्वारे में इकट्ठे हुए. यही गुरुद्वारा एक समय नवाज शरीफ का घर हुआ करता था, जिसे बाद में गुरुद्वारे में तब्दील कर दिया गया.

Advertisement

जाति उमरा के लोगों ने गुरुद्वारे में नवाज शरीफ के स्वास्थ्य और उनके राजनीतिक भविष्य के लिए अरदास की. गांव के सरपंच दिलबाग सिंह ने 'आजतक' को बताया कि गांव के लोगों के मन में शरीफ परिवार के प्रति विशेष लगाव और प्यार है. उन्होंने उम्मीद जताई कि नवाज शरीफ और उनकी पार्टी चुनाव में जीत दर्ज करेगी. नवाज शरीफ फिर से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनेंगे.

गांव के बुजुर्ग और सेवानिवृत्त अध्यापक नजर सिंह ने 'आजतक' को बताया कि नवाज शरीफ एक भले इंसान हैं और जाति उमरा के लोग उनको गांव का बेटा मानते हैं.

गांव के लोगों के मुताबिक, नवाज शरीफ 1982 में जाति उमरा में आए थे. उसके बाद दिसंबर 2013 में उनके छोटे भाई शाहबाज शरीफ ने गांव आकर अपने दादा की कब्र पर चादर चढ़ाई थी.

Advertisement

नवाज शरीफ के पिता मुहम्मद शरीफ भारत पाक बंटवारे के बाद पाकिस्तान चले गए थे. उन्होंने पाकिस्तान जाकर खुद को एक उद्योगपति के तौर पर उभारा. जाती उमरा के कई लोग आज भी शरीफ परिवार के दुबई स्थित उद्योग में काम करते हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement