इंडिया टुडे टीवी के पास मौजूद इंटेलीजेंस ब्यूरो के नोट से खुलासा होता है कि ये कैम्प मांगला और हेड मराल में स्थित है. इन कैम्पों को जमात उद दावा/लश्कर ए तैयबा के ‘नंबर दो’ ताल्हा सईद ने दोबारा शुरू किया है. ताल्हा लश्कर प्रमुख हाफिज सईद का बेटा है.
इंटेल इनपुट्स से जानकारी मिली है कि लश्कर ने आंतकियों की भर्ती के लिए खुद की मुहिम शुरू की है. ये भर्ती स्वात घाटी के पास पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से सटे कबीलाई इलाकों, पेशावर, क्वेटा और इलाका-ए-घैर में की जा रही है.
आईएसआई और आतंकी संगठनों के बीच हाल के दिनों में कई बैठकें हुई हैं. इनमें पीओके और पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों के कमांडरों ने हिस्सा लिया. इन बैठकों में ‘कश्मीरी जिहाद’ के कंट्रोल रूम पीओके और पाक-अफगान सीमा पर बनाने का फैसला किया गया. साथ ही आतंकियों की नई भर्ती पर जोर दिया गया.
इंटेलीजेंस नोट ये भी बताता है कि पाकिस्तान किस तरह अपने संसाधनों को पाक-अफगान सीमा से सटे कबीलाई इलाकों हटा कर फोकस जम्मू-कश्मीर की ओर कर रहा है. इसके अलावा एलओसी के पास पाकिस्तानी सेना ने अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं. पाकिस्तान की ओर से 5 पीओके ब्रिगेड (मुजफ्फराबाद) ब्रिगेड एरिया, मिनीमार्ग, कामरी, डोमेल और गुलतारी में अतिरिक्त सैनिकों को तैनात किया जा रहा है.
आईएसआई के निर्देश पर आर्मी यूनिट्स के बीच आतंकियों के लिए बंकर बनाए जा रहे हैं. ये बंकर ‘10 बलूच’ की ओर से तैयार किए जा रहे हैं. आईएसआई ने ‘कूरियर एंड गाइड’ को आतंकियों के लिए द्वार, नीरू, बराउब, चाकोली में रेकी, सूचना एकत्र करने के अलावा नक्शे, स्केच और घुसपैठ के रूट तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं.
इंटेलीजेंस रिपोर्ट्स बताती हैं कि एलओसी और सरहद के उस पार कम से कम 13 जगह पर आतंकी ग्रुपों की बड़ी हरकत नोटिस की गई हैं.
जितेंद्र बहादुर सिंह