नेपाल में सियासी संकट गरमाता जा रहा है. 30 जुलाई को सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की स्थाई समिति की बैठक में मचे घमासान के बाद बुधवार को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने करीबी मंत्रियों के साथ बैठक की.
प्रधानमंत्री के करीबी पर्यटन मंत्री योगेश भट्टराई ने कहा कि मंगलवार को पार्टी के दोनों वरिष्ठ नेता और अन्य स्थाई समिति के सदस्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा. इससे पूरी पार्टी और सभी कार्यकर्ता स्तब्ध थे.
अब इस स्थिति में पार्टी को कैसे आगे बढ़ाया जाया, कैसे आंतरिक विवाद को खत्म किया जाए, ये महत्वपूर्ण है. मंगलवार को हुई बैठक के बाद साफ हो गया कि पार्टी आतंरिक विवाद के कारण संकट में है. इस बात को सहज ही समझा जा सकता है.
पर्यटन मंत्री ने कहा कि बुधवार को प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने अपने निवास में कुछ स्थाई समिति के सदस्यों को बुलाकर आंतरिक विवाद के बारे में चर्चा की. उन्होंने विस्तार से सभी घटनाक्रम पर बातचीत की. ओली ने ये भी बताया कि कैसे विवाद शुरू हुआ और कहां तक पहुंच गया है.
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योगेश भट्टराई ने कहा कि पार्टी के अंदर ब्लेम गेम और प्रॉक्सी वॉर चल रहा है, इसे बंद किया जाना चाहिए. घटनाक्रम को देखा जाय तो पार्टी के उच्च नेतृत्व में विश्वास का संकट उत्पन्न हो गया है.
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने ओली से मांगा था इस्तीफा
बता दें कि नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की कुर्सी खतरे में पड़ गई है. मंगलवार को स्थाई समिति की बैठक में उन्हीं की पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनसे इस्तीफा मांग लिया था. सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के सह अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भारत के साथ ताजा विवाद, कोरोना वायरस से निपटने सहित विभिन्न मुद्दों पर उनकी विफलता का हवाला देते हुए पीएम केपी ओली का इस्तीफा मांगा था.
सुजीत झा