JNU के समर्थन में लाहौर में स्टूडेंट और टीचर आज निकालेंगे रैली

लाहौर प्रेस क्लब से निकलने वाली इस रैली में कई यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट शामिल हो सकते हैं. खास बात है कि इस रैली की थीम मशहूर शायर फैज अहमद फैज की नज्म 'लाजिम है कि हम भी देखेंगे' पर रखा गया है.

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दिल्ली में जेएनयू गेट पर प्रदर्शन (ANI) दिल्ली में जेएनयू गेट पर प्रदर्शन (ANI)

गीता मोहन

  • नई दिल्ली,
  • 08 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 8:55 AM IST

  • भारत के कई शहरों में हिंसा के खिलाफ विरोध
  • मुंबई और दिल्ली में बड़ा विरोध प्रदर्शन

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) हिंसा का विरोध पूरे देश में हो रहा है. पाकिस्तान भी जेएनयू के समर्थन में खड़ा हो गया है. लाहौर में बुधवार को स्टूडेंट और टीचर रैली निकालेंगे. लाहौर प्रेस क्लब से निकलने वाली इस रैली में कई यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट शामिल हो सकते हैं. खास बात है कि इस रैली की थीम शायर फैज अहमद फैज की नज्म 'लाजिम है कि हम भी देखेंगे' पर रखा गया है. इस नज्म पर भारत में काफी विवाद चल रहा है.

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बता दें, जेएनयू हिंसा का विरोध देश के कई शिक्षा संस्थानों तक फैल रहा है. एक दिन पहले आईआईएम अहमदाबाद के छात्रों ने भी जेएनयू कैंपस में किए गए हमले को लेकर अपना विरोध दर्ज किया. इस विरोध की आवाज में एक बार फिर फैज अहमद फैज की नज्म गूंज रही थी. इसके पहले आईआईटी कानपुर के छात्रों ने फैज की मशहूर नज्म- हम देखेंगे गाया था.

रैली में शामिल होने का न्योता

इधर दिल्ली में जेएनयू में हिंसा के शिकार हुए छात्रों से मिलने मंगलवार रात अभिनेत्री दीपिका पादुकोण जेएनयू कैंपस पहुंचीं. यहां पहुंचकर उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ की अध्यक्ष आईषी घोष से मुलाकात की. रविवार 5 जनवरी की रात नकाबपोश हमलावरों ने आइशी घोष को पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया था. दिल्ली पुलिस ने जेएनयू प्रशासन की शिकायत पर आइशी घोष के खिलाफ मंगलवार को एक एफआईआर भी दर्ज कराई है.

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जेएनयूएसयू ने विश्वविद्यालय के कुलपति पर पक्षपात का आरोप लगाया है. छात्रसंघ का कहना है कि आइशी घोष के खिलाफ एफआईआर करवा कर जेएनयू प्रशासन ने यह जाहिर कर दिया है कि इस लड़ाई में वह किसकी तरफ है. छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने जेएनयू प्रशासन की शिकायत पर केस दर्ज कराया है. लोहे की रॉड से किए गए हमले में आइशी का सिर फूट गया. लहूलुहान आइशी की तस्वीर कई चैनलों और अखबारों में देखी गई थी. जेएनयू प्रशासन की ओर से करवाई गई एफआईआर के खिलाफ मंगलवार शाम जेएनयू के पूर्व छात्र भी अपना विरोध दर्ज कराने विश्वविद्यालय पहुंचे.

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