मुस्लिम देशों के संगठन OIC ने फिर उगला जहर, कश्मीर पर कही ये बात

इस्लामिक संगठन OIC (ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन) ने जम्मू कश्मीर को लेकर एक बार फिर बयान दिया है. इस्लामिक संगठन ने भारत सरकार से जम्मू कश्मीर से धारा 370 को फिर से बहाल करने की मांग की है.

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फोटो- OIC महासचिव फोटो- OIC महासचिव

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 6:56 PM IST

इस्लामिक देशों के संगठन OIC (ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन) ने एक बार फिर जम्मू कश्मीर को लेकर भारत के खिलाफ जहर उगला है. ओआईसी ने बयान में कहा है कि 27 अक्टूबर को कश्मीर पर भारत के कब्जे को 75 साल पूरे हो गए हैं. इस्लामिक संगठन ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर के लोगों के आत्म निर्णय के अधिकार को लेकर उनके साथ है.

ओआईसी संगठन ने नरेंद्र मोदी सरकार से जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को फिर से बहाल करने की मांग की है. साथ ही कहा है कि जो भी कश्मीर में डेमोग्राफिक बदलाव किए जा रहे हैं, उन्हें रोकने के लिए कदम उठाए जाएं. इसके साथ ही संगठन ने जम्मू कश्मीर के निवासियों के मूल मानवाधिकारों का सम्मान करने की मांग की है. 

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इस्लामिक संगठन ने अंतराष्ट्रीय समुदाय से यूएन सिक्योरिटी काउंसिल के प्रस्तावों के अनुसार कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए कोशिशें तेज करने की मांग की है.

हालांकि, यह कोई पहला मौका नहीं है, जब कश्मीर मुद्दे पर इस्लामिक देशों के संगठन ने ऐसा बयान दिया है. इससे पहले भी ओआईसी की ओर से कश्मीर मामले में ऐसे बयान देखने को मिल चुके हैं. ओआईसी के बयान के पीछे पाकिस्तान का हाथ बताया जाता है, जिससे अंतराष्ट्रीय स्तर पर भारत पर प्रेशर बनाया जा सके. हालांकि, भारत ने कई बार ओआईसी को आगाह किया है कि वह कश्मीर पर पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा को आगे ना बढ़ाए.

क्या है ओआईसी संगठन 
ओआईसी संगठन एक इस्लामिक देशों का संगठन है, जिसके 57 मुस्लिम बहुल देश सदस्य हैं. खासतौर पर सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों का ओआईसी में दबदबा है. ओआईसी का उद्देश्य अंतराष्ट्रीय शांति और सद्भाव बनाए रखते हुए मुस्लिमों के हितों की सुरक्षा करना है. सिर्फ मुस्लिम देश ही ओआईसी संगठन के सदस्य हो सकते हैं.

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भारत 27 अक्टूबर को मना रहा इन्फेंट्री डे 
दरअसल, 27 अक्टूबर वह तारीख है, जिस दिन भारतीय सेना ने पराक्रम दिखाते हुए कश्मीर सीमा में घुसे अवैध घुसपैठियों को बाहर निकालते हुए कश्मीर के बड़े हिस्से को पाकिस्तान के कब्जे से बचा लिया था.

आजादी के बाद भारत में पहली बार ऐसी सैन्य कार्रवाई की गई थी. 27 अक्टूबर का दिन भारत के उन वीर सैनिकों की याद दिलाता है, जिन्होंने पैदल चलकर ही सरहद की न सिर्फ रक्षा की, बल्कि उसे बचाने के लिए अपनी जान की भी परवाह नहीं की थी.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिया बयान 

इन्फेंट्री डे के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर के श्रीनगर में सेना के कार्यक्रम में भाग लिया. जहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंग ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य है कि पीओके के गिलगिट और बाल्टिस्तान जैसे हिस्सों को एक बार फिर वापस अपनी सीमा में शामिल किया जाए. 

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