इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने सोमवार सुबह हमास के एक बड़े रॉकेट हमले की योजना को नाकाम करने का दावा किया है. सेना ने एक बयान में कहा, 'हमास ने इजरायल पर हमला करने की तैयारी कर रखी थी, उसकी इस मंशा को भांपकर तत्काल प्रभाव से इस खतरे को विफल कर दिया गया.' IDF के अनुसार, आज सुबह 6:30 बजे से पहले, लड़ाकू विमानों ने गाजा में कई रॉकेट लॉन्चर और सुरंगों को निशाना बनाया, इसी दौरान हमास ने रॉकेट फायर शुरू करने की योजना बनाई थी.
हमास 6:30 बजे सुफा क्षेत्र में केवल चार रॉकेट ही लॉन्च कर सका. इनमें से तीन को Intercepted किया गया और चौथा एक खुली जगह पर गिरा. इसके अलावा, IDF ने रात भर केंद्रीय गाजा में हमास की साइटों पर हमले किए, जिन्हें उन्होंने नेटजारिम कॉरिडोर क्षेत्र में इजराइली बलों के लिए खतरा बताया. रविवार को, IDF ने चेतावनी दी थी कि हमास 7 अक्टूबर के नरसंहार की पहली बरसी पर रॉकेट फायर और अन्य हमलों को अंजाम देने का प्रयास कर सकता है और इसके अनुसार गाजा और सीमा पर बलों को मजबूत करने की बात कही.
इसके अलावा, IDF ने रात भर केंद्रीय गाजा में हमास की कई साइटों पर हवाई हमले किए, जिन्हें उन्होंने नेटजारिम कॉरिडोर क्षेत्र में इजराइली बलों के लिए खतरा बताया. यह कार्रवाई इजराइली बलों की सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ गाजा में हमास की एक्टिविटी को कमजोर करने के लिए की गई.
IDF ने चेतावनी दी थी कि हमास 7 अक्टूबर के नरसंहार की पहली बरसी पर रॉकेट फायर और अन्य हमलों को अंजाम देने की कोशिश कर सकता है. इस चेतावनी के मद्देनजर, इजराइल ने गाजा और सीमा पर अपने बलों को मजबूत किया है. IDF ने कहा कि वे किसी भी संभावित खतरे का सामना करने के लिए तैयार हैं और किसी भी हमले के खिलाफ सख्त प्रतिक्रिया देने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
इजरायल (Israel) पर हमास (Hamas) ने पिछले 7 अक्टूबर को अभूतपूर्व हमला किया था, जिसे आज पूरे एक साल हो गए हैं. हमास के इस हमले के बाद से ही इजरायल की तरफ से फिलिस्तीन पर लगातार हमले किए जा रहे हैं. गाजा पट्टी में इजरायली सेना के ऑपरेशन में महिलाओं-बच्चों सहित हजारों लोगों मौत हुई और लाखों नागरिक विस्थापित हुए. हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, गाजा पट्टी में इजरायल के हमलों से 4 अक्टूबर 2024 तक करीब 41,802 लोग मारे गए हैं. दोनों पक्षों के बीच शांति और समझौते के लिए कई ग्लोबल कोशिशों कामयाब नहीं हो सकीं. मौजूदा वक्त में भी मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा हुआ है.
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