कांगो में फिर इबोला का कहर, अब तक 1000 से ज्यादा लोगों की मौत

कांगो में इबोला बीमारी से अब तक एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. अधिकारियों का कहना है कि अगर सावधानी नहीं बरती गई तो इबोला ऐसा संक्रामक विषाणु है जो गहरी चिंता की स्थिति उत्पन्न कर रहा है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (इंडिया टुडे आर्काइव) प्रतीकात्मक तस्वीर (इंडिया टुडे आर्काइव)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 मई 2019,
  • अपडेटेड 1:50 PM IST

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डी आर कांगो) में एक बार फिर इबोला का कहर बरपा है. इबोला बीमारी से अब तक एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य कर्मियों को इस वायरस से निपटने के लिए आगाह किया है.

अधिकारियों का कहना है कि अगर सावधानी नहीं बरती गई तो इबोला ऐसा संक्रामक विषाणु है जो गहरी चिंता की स्थिति उत्पन्न कर रहा है. रिकॉर्ड के मुताबिक यह महामारी इससे पहले भी भयावह प्रकोप का रूप ले चुकी है. इस महामारी के चलते 2014 से 2016 के दौरान पश्चिम अफ्रीका में 11,300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

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महामारी के प्रकोप को रोकने की कोशिशों के बीच कई समुदायों में एहतियाती उपाय, स्वास्थ्य सुविधाओं के सुरक्षित तरीकों के प्रति सचेत न रहना इस बीमारी को रोकने में बाधा बना हुआ है. कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार शाम को दी गई जानकारी के मुताबिक 1,008 लोगों की मौत हो चुकी है.

हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुरुआत में एक टीके का दावा करते हुए इस प्रकोप को रोकने की उम्मीद जताई थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में डब्ल्यूएचओ के वरिष्ठ अधिकारियों ने माना कि असुरक्षा की वजह से इसे रोकने में कामयाबी नहीं मिली. डब्ल्यूएचओ के हेल्थ इमरजेंसीज प्रोग्राम के कार्यकारी निदेशक ने कहा कि हम मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं.

बता दें कि इबोला वायरस ने बीते वर्ष अगस्त में भी कांगो में कहर बरपाया था. अगस्त माह में इबोला से मरने वालों की संख्या 55 हो गई थी. जिसके बाद सरकार ने तीन महीने तक इस बीमारी का इलाज निशुल्क करने का ऐलान किया था.

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