पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में शांतिपुर थाना क्षेत्र के सर्ब नंदी पाड़ा इलाके में बुधवार सुबह भारी तनाव हो गया. इलाके में लोकोनाथ मंदिर के सामने रात के अंधेरे में कुछ लोगों ने दर्जनों धार्मिक मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया. पिछले 30 साल से मूर्तियां बनाने वाले मूर्तिकार जयंत दास ने कहा कि उनकी बनाई करीब 60 से 70 सरस्वती और काली माता की मूर्तियां जमीन पर टूटी पड़ी थीं.
घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों ने मौके पर जमा होकर भारी आक्रोश जताया. सीसीटीवी फुटेज की जांच में अमित दास और उसके भाई असित दास की संलिप्तता की पुष्टि हुई है, जिन्होंने घटना से एक दिन पहले मूर्तिकार को धमकी भी दी थी.
शांतिपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. हालांकि, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.
30 साल की मेहनत पर अटैक
आगामेश्वरी एस्टेट के निवासी और अनुभवी मूर्तिकार जयंत दास इस घटना से गहरे सदमे में हैं. उन्होंने बताया कि वे दशकों से सर्ब नंदी पाड़ा में मूर्तियां बनाने का काम कर रहे हैं, लेकिन ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई. बुधवार की सुबह जब वे अपनी कार्यशाला पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर दंग रह गए. देवी सरस्वती और मां काली की करीब सत्तर मूर्तियां मलबे में तब्दील हो चुकी थीं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक और मानसिक नुकसान पहुंचा है.
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धमकी के बाद वारदात, सीसीटीवी ने खोला राज
मूर्तिकार जयंत दास के मुताबिक, अमित दास नाम के एक शख्स ने पिछले दिनों उनकी कार्यशाला में आकर गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी दी थी. घटना के बाद जब पुलिस और स्थानीय लोगों ने पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो उसमें अमित दास और उसका भाई असित दास मूर्तियों को तोड़ते हुए साफ नजर आए. स्थानीय लोग दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. पुलिस ने सबूत जुटा लिए हैं और आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है.
(रिपोर्ट- सुरजीत)
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