हाइवे जाम, ठंड में भटकते रहे यात्री... यूपी में Hit And Run के नए नियम को लेकर ट्रक-बस चालकों का हल्लाबोल

यूपी के कई जिलों में हिट एंड रन कानून के विरोध में हड़ताल और प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शन के चलते कई हाइवे जाम रहे. सड़कों पर सन्नाटा दिखा. इस कड़ाके की ठंड में यात्रियों को बस के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा.

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यूपी में ट्रक व बस ड्राइवरों की हड़ताल यूपी में ट्रक व बस ड्राइवरों की हड़ताल

aajtak.in

  • लखनऊ ,
  • 02 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 1:25 PM IST

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के अंतर्गत हिट-एंड-रन केस (Hit And Run) के मामलों के लिए नए कानून का उत्तर प्रदेश में भी बड़े वाहन चालकों ने जमकर विरोध किया. नए नियम के तहत अगर एक्सीडेंट में किसी की मौत हो जाती है और ड्राइवर फरार हो जाता है तो ऐसी दशा में उसे 10 साल की सजा के साथ-साथ भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है. इस नए कानून के विरोध में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में वाहन चालकों ने चक्का जाम कर प्रदर्शन किया. इस हड़ताल के कारण ठंड में यात्री भटकते दिखे.

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इस दौरान कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प की भी खबरें आई हैं. गोंडा में विरोध प्रदर्शन कर रहे वाहन चालकों ने जमकर हंगामा किया. वहीं, दूसरी तरफ फिरोजाबाद में इस कानून के विरोध में नेशनल हाइवे जाम किया गया. जिसके चलते वाहन चालकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. 

फिरोजाबाद में पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

जिले के थाना मक्खनपुर क्षेत्र के गांव रूपसपुर के पास हिट-एंड-रन कानून के विरोध में विरोध प्रदर्शन करते हुए सोमवार को ट्रक व बस चालकों ने नेशनल हाइवे नंबर-2 पर प्रदर्शन करते हुए जाम कर दिया. सड़क और बस और ट्रक को सड़क के दोनों ओर इस तरह खड़ा कर दिया कि कोई भी वाहन निकल ही नही सके.

सड़कों पर बस रुकते ही यात्री अपना सामान लेकर पैदल ही हाइवे पर कड़ाके की ठंड में निकल पड़े. एक यात्री तो अपने 6 माह के बच्चे को गोद में लिए हुए पैदल ही जाता दिखाया दिया. 

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इस बीच हाइवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लगने की सूचना पुलिस अधिकारियों तक पहुंची तो एसडीएम विवेक मिश्रा मौके पर आए.  पहले ट्रक ड्राइवरों को समझाने का प्रयास किया. लेकिन जब ट्रक ड्राइवर नहीं माने तो अधिकारियो ने हल्का बल प्रयोग कर जाम खुलवाया. एसडीएम विवेक मिश्रा का कहना है कि एक-दो ट्रक वालों ने जाम लगा दिया था, जिसे खुलवा दिया गया है. अब किसी भी हालत में कानून का उल्लंघन नहीं करने दिया जाएगा.

गोंडा में हुआ विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम
    
हिट-एंड-रन केस में प्रस्तावित कानूनों के विरोध के चलते गोंडा में भी बस व ट्रक के पहिये थम गए. जिससे साल के पहले दिन ही यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. दूसरी तरफ गोरखपुर-लखनऊ रेलमार्ग के दुरस्तीकरण होने से इण्टरसिटी समेत कई गाड़ियों के रद्द रहने से यात्रियों को दोहरी मार झेलनी पड़ी. 

हालांकि, रोडवेज इस हड़ताल में शामिल नहीं है. लेकिन बसों में तोड़फोड़ होने की आशंका के चलते चालक बेचैन दिखाई दिए. हड़ताल के चलते छोटी गाड़ियों की चांदी रही. वह मुंह मांगे किराए पर यात्रियों को गंतव्य तक ले गए. एक अनुमान के मुताबिक, रोजाना रोडवेज से ही करीब 15 हजार यात्री सफर करते है. 

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यूपी से बाहर भी हुआ प्रदर्शन

रोडवेज के एआरएम कपिलदेव ने बताया कि कल 7 बसे निकली थीं लेकिन रामनगर बाराबंकी में हमारे चालक संदीप से मारपीट की गई थी. जिससे रोडवेज चालको में बेचैनी फैल गई और बसों का सुचारू संचालन न हो सका. आज (2 जनवरी) कुछ बसों का संचालन शुरू कराया गया है.

बुलंदशहर में वाहन चालकों ने किया हड़ताल

वहीं, बुलंदशहर में वाहन चालकों की हड़ताल के कारण रोडवेज बसों का भी संचालन बंद रहा. ट्रक चालकों ने एनएच-34 पर ट्रकों को रोककर चक्का जाम किया और प्रदर्शन किया. साथ ही ड्राइवर एकता के जिंदाबाद के नारे लगाए. ट्रक चालकों ने निजी गाड़ियां चला रहे वाहन चालकों को भी रोक कर हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया. 

यात्रियों को काफी परेशानी हुई

बुलंदशहर रोडवेज डिपो की 60 बसों से मात्र 15 बसें संचालित हुईं. जबकि, खुर्जा रोडवेज की 75 बसों में से केवल एक ही बस रूट पर चली. इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी रोडवेज बसों का संचालन नहीं हो सका. इस दौरान यात्रियों को आवागमन में काफी परेशानी हुई और अपने गंतव्य में जाने के लिए यात्री भटकते हुए दिखाई दिए.

गाजीपुर में भी हड़ताल पर रहे चालक
   
नए मोटर व्हीकल अधिनियम को लेकर निजी बस व ट्रक संचालकों ने आस्तीन चढ़ा ली है. सोमवार को बड़े कमर्शियल वाहनों के चालकों और परिचालकों ने चक्का जाम कर हड़ताल कर दिया. स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के लंका और रौजा बस स्टैंड से कोई बस नहीं चली. जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

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एक आंकड़े के अनुसार, गाजीपुर में लगभग सवा दो सौ से ज्यादा प्राइवेट बसों का संचालन विभिन्न रूटों के लिए होता है. मगर वे सभी हड़ताल पर रहे. कुछ रूटों पर रोडवेज बसों को भी रोका गया, बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद रोडवेज की बसों का संचालन कराया गया. जिससे रोडवेज बसों को भी काफी नुकसान हुआ. 

ड्राइवरों का कहना था कि एक्सीडेंट कोई जानबूझ कर नहीं करता. लेकिन हमेशा ड्राइवर को ही दोषी बनाया जाता है. गलती दूसरे पक्ष की भी होती है, इसलिए दुर्घटनाएं होती हैं. उनकी दलील थी कि ड्राइवर कमजोर वर्ग से आता है. इतना ज्यादा जुर्माना कहां से देगा.

हमीरपुर में जाम रहा नेशनल हाइवे
      
हमीरपुर जिले में मोटर व्हीकल एक्ट को लेकर वाहन चालकों ने नेशनल हाइवे में आड़े तिरछे वाहन खड़े कर हाइवे में जाम लगा दिया और जमकर हंगामा करते हुए  प्रदर्शन किया. इस दौरान कई किलो मीटर लंबे जाम में सैकड़ों वाहन फंसे रहे.

जिले के मौदहा कस्बे से गुजरने वाले नेशनल हाइवे-34 में अचानक से ड्राइवरों ने अपने वाहनों को आड़ा-तिरछा खड़ा कर जाम लगा दिया और हंगामा करते हुए जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी. जिससे हाइवे में अफरा तफरी मच गई थी.

जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस चालकों को समझा-बुझा कर जाम खुलवाने की कोशिश करती रही पर चालक नहीं माने. तब एसडीएम और CO मौके पर पहुंचे जिनसे चालकों की तीखी बहस हुई. कई घंटो की मशक्कत के बाद प्रशासन और पुलिस जाम खुलवा सका. तब तक नेशनल हाइवे में कई किलो मीटर लंबा जाम लग चुका था, जिसमें सैकड़ों छोटे बड़े वाहन फंसे हुए थे.

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झांसी में ट्रक ड्राइवर का विरोध प्रदर्शन

झांसी में भी हिट-एंड-रन कानून के विरोध में ट्रक ड्राइवरों ने चक्का जाम किया. चक्का जाम होने से वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लग गईं. फिर चाहे झांसी-शिवपुरी हाइवे हो या फिर झांसी-कानपुर हाइवे सभी जगह जाम की स्थिति नजर आई. इस कारण कई राहगीर फंस गए.

घटना की जानकारी होते ही सबंधित थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और किसी प्रकार जाम को खुलवाया. चक्का जाम किए हुए ड्राइवरों ने नए कानून को अंधा और कलंक बताया है. चालकों का कहना था कि यदि इतना पैसा उनके पास होता तो वह ड्राइवरी ही क्यों करते. हम लोग 300 रुपए की नौकरी करते हैं. इसमें 50 लाख का जुर्माना कहां से भरेंगे. यदि हम 10 साल की सजा काटने जाएंगे तो हमारे बच्चे हमें भूल जायेंगे. इसलिए यह कानून गलत है, इसे वापस लिया जाए. 

चंदौली में टैंकर चालकों ने किया प्रदर्शन
    
पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली में भी नए मोटर अधिनियम कानून के विरोध में टैंकर चालकों ने जोरदार प्रदर्शन किया. इस विरोध प्रदर्शन के चलते कई घंटे तक ऑयल डिपो से निकासी प्रभावित रही. बताते चलें कि चंदौली के दीनदयाल नगर में भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का डिपो है. यहां से पूर्वांचल के साथ-साथ नेपाल तक में पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई की जाती है. यहां पर टैंकर चालकों ने हड़ताल कर दिया और कई घंटे तक जमकर नारेबाजी की. 

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जैसे ही टैंकर चालकों के प्रदर्शन की खबर पुलिस को मिली. पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और वाहन चालकों को समझा बुझाकर हड़ताल समाप्त कराई.

भदोही में भी हुआ तगड़ा प्रदर्शन

मोटर वाहन अधिनियम संशोधन के विरोध में बीते दिन भदोही से गुजरने वाले नेशनल हाइवे-19 पर ट्रक चालकों ने चक्का जाम कर दिया, जिससे लगभग 10 किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया. सोमवार को लगे जाम से राहगीरों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. राहगीरों की बढ़ती दिक्कतों को देखते हुए सक्रिय हुई पुलिस ने चालकों को किसी तरह समझा कर जाम समाप्त कराया.

अधिनियम के संशोधन के विरोध में वाहन चालक बेहद अक्रोशित दिखाई पड़े और नए साल की सुबह ही औराई थाना क्षेत्र के इटावा के पास नेशनल हाइवे-19 का उत्तरी लेन जाम करना शुरू कर दिया. इस दौरान ट्रक चालकों ने अधिनियम के विरोध में नारेबाजी भी की और संशोधन को वापस लिए जाने की मांग की. ट्रक चालकों के चक्का जाम से प्रयागराज-वाराणसी के राहगीरों वाले राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

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(फिरोजाबाद से सुधीर शर्मा, बुलंदशहर से मुकुल शर्मा, हमीरपुर से नाहिद अंसारी, गोंडा से अंचल श्रीवास्तव, झांसी से प्रमोद गौतम, गाजीपुर से विनय सिंह, भदोही से महेश जायसवाल और चंदौली से उदय गुप्ता के इनपुट के साथ)

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