अयोध्या लोकसभा से समाजवादी पार्टी की जीत के साथ उभार हुआ तो इसकी चर्चा देश ही नहीं दुनिया में हुई. भाजपा अयोध्या विधानसभा सीट पर जीती थी, लेकिन अन्य 4 विधानसभा से हार गई थी. इस चुनाव को अभी दो महीने ही हुए हैं और लोकसभा से सपा की जीत के जश्न पर ग्रहण लग गया है. समाजवादी पार्टी जिस अयोध्या सीट से जीतकर उठी थी, उसी अयोध्या में फंसती नजर आ रही है.
अयोध्या के भदरसा में पिछड़ी जाति की 12 साल की किशोरी से गैंगरेप के मामले को लेकर अयोध्या में सियासत तेज हो गई है. मुख्य आरोपी के तौर पर भदरसा से सपा के नगर अध्यक्ष मोईद खान के जेल जाने के बाद से विपक्ष खामोश है तो वहीं सत्ता पक्ष हमलावर हो गया है. इसलिए सियासत पर असर पड़ना भी लाजमी है. सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने जीतने के बाद जिस मिल्कीपुर विधानसभा सीट से इस्तीफा दिया है, वहां उपचुनाव होना है. इसलिए गर्माई अयोध्या की सियासत के बीच उपचुनाव पर पड़ने वाले असर का आंकलन भी शुरू हो गया है.
मिल्कीपुर के उपचुनाव से सरगर्मियां तेज
अयोध्या में सपा की जीत के जरिए देश से लेकर विदेश तक एक बड़ा संदेश देने की कोशिश थी. लेकिन भदरसा के सपा नगर अध्यक्ष और सपा सांसद के करीबी मोईद खान गैंगरेप के आरोपी बने तो सामाजिक और राजनीतिक दोनों सरगर्मियां तेज हो गई. इस मामले में सियासत और ज्यादा इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि चर्चा है कि मिल्कीपुर उपचुनाव में सपा सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद सपा के प्रत्याशी हो सकते हैं.
INDIA ब्लॉक ने मानाया था जीता का जश्न
अवधेश प्रसाद की जीत के बाद INDIA गठबंधन ने पूरे देश में जश्न मनाया था. संसद की अगली सीट पर सपा मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस की बागडोर संभालने वाले नेता विपक्ष राहुल गांधी के बीच में उन्हें हीरो की तरह बैठाया गया. यहां तक कि उन्हें अयोध्या का राजा तक बता दिया गया.
एक घटना ने पलट दिया समीकरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पीड़िता की मां से मुलाकात करने के बाद अयोध्या की राजनीतिक पृष्ठभूमि बदल चुकी है. दो महीने से जीत का जश्न मना रही सपा अपनों के कारण कटघरे में है. सियासत की इस कहानी में तड़का बुलडोजर का भी लग गया है और तालाब और दलितों की जमीन पर अवैध कब्जा कर खड़े किए गए मोईद खान के साम्राज्य पर बुलडोजर भी चल रहा है.
बनबीर सिंह