उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में शराब की बिक्री से लगभग 47 हजार 600 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित की है. वहीं, पिछले वित्तीय वर्ष में यह 41 हजार 250 करोड़ रुपये की थी. यह जानकारी उत्पाद शुल्क और निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने मंगलवार को दी है.
मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में दिल्ली की तुलना में अधिक शराब ब्रांड उपलब्ध हैं. राज्य में दुकानों पर ओवर रेटिंग के मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है. इस साल हमने राजस्व में करीब 4500 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की है. इस बार हमारा राजस्व करीब 47600 करोड़ रुपये की है, जो पिछले वित्तीय वर्ष में 41250 करोड़ रुपये था.
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'उत्तर प्रदेश में अवैध शराब की तस्करी पर सख्ती से निगरानी'
उन्होंने प्रीमियम ब्रांड को लेकर कहा, हमारे पास बेहतर ब्रांड पंजीकृत हैं. कुछ अधिकृत शराब की दुकानों पर कथित ओवर-रेटिंग को लेकर कहा कि जब भी ऐसी घटना सामने आती है, तो उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित अधिकारियों के निलंबन समेत विभाग-स्तरीय कार्रवाई सुनिश्चित की है. हम ओवर-रेटिंग और जहरीली या नकली शराब के निर्माण और अन्य राज्यों से उत्तर प्रदेश में अवैध शराब की तस्करी पर सख्ती से निगरानी कर रहे हैं.
'शराब की ओवर-रेटिंग मामलों की सूचना स्थानीय अधिकारियों को दें'
उन्होंने ये भी कहा कि हमारी प्रवर्तन टीमें नियमित रूप से इस सब पर नजर रखती हैं. उन्होंने आम जनता से शराब की ओवर-रेटिंग जैसे मामलों की सूचना स्थानीय अधिकारियों को देने का भी आह्वान किया और ऐसी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया.
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