कन्नौज से बीजेपी सांसद सुब्रत पाठक और पुलिसकर्मियों के बीच हुई झड़प के बाद एसपी ने तीन सब इंस्पेक्टर और 4 सिपाहियों का ट्रांसफर कर दिया है. दरअसल, शहर कोतवाली के टाइगर जिम के पास स्थित निजी अस्पताल से एक अपरहणकर्ता को गिरफ्तार किया था.
इस दौरान स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. मौके पर सुब्रत पाठक पहुंचे, तो विवाद और भी बढ़ गया. इसके बाद चौकी प्रभारी की तरफ से बीजेपी सांसद सुब्रत पाठक समेत 10 लोग नामजद और 42 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी.
इस मामले में सुब्रत पाठक की तरफ से सफाई दी गई कि पुलिस ने पार्टी पदाधिकारी और महिला कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की थी. सुब्रत पाठक ने कन्नौज के एसपी कुंवर अनुपम सिंह पर भी निकाय चुनाव में बीएसपी की मदद करने का आरोप लगाया था.
बीजेपी सांसद पर पुलिस से मारपीट, सरकारी काम में बाधा जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला तूल पकड़ने लगा, तो एडीजी जोन कानपुर आलोक सिंह ने कन्नौज कोतवाली में दर्ज केस की विवेचना ट्रांसफर कर दी.
विवाद के बाद पुलिसकर्मियों के हुए ट्रांसफर
कानपुर देहात के एडिशनल एसपी को इस मामले की विवेचना दे दी गई. फिलहाल कानपुर देहात के एडिशनल एसपी ने इस मामले की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज देख रही है. सर्विलांस टीमें शिकायतकर्ता और आरोपियों की कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाल रही हैं.
मामले की विवेचना की जा रही है. मगर, इस मामले को सुब्रत पाठक ने जिले में अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है. कहा जा रहा है कि देर रात इसी मामले के चलते एसपी कन्नौज ने कुल 19 सब इंस्पेक्टर और 17 सिपाहियों के ट्रांसफर किए हैं.
9 सब इंस्पेक्टर और 17 सिपाहियों का किया ट्रांसफर
जिले में हुए इस ट्रांसफर सूची में 3 सब इंस्पेक्टर चौकी इंचार्ज मंडी हाकम सिंह, चौकी इंचार्ज सरायमीर तरुण सिंह, चौकी प्रभारी हाजी शरीफ हेमंत कुमार के नाम हैं. इसके अलावा सिपाही रवि कुमार, नीरज कुमार, सुभाष कुमार और रोहित के भी नाम शामिल हैं.
इन पुलिसकर्मियों के नाम बीजेपी सांसद सुब्रत पाठक पर दर्ज हुई एफआईआर में पीड़ित के तौर पर शामिल थे. इस मामले में एसपी कन्नौज अनुपम सिंह का कहना है कि ट्रांसफर पुलिसिंग का हिस्सा है. यह रुटीन ट्रांसफर है. इसका माननीय सांसद जी से हुए विवाद का कोई संबंध नहीं है.
नीरज श्रीवास्तव / संतोष शर्मा