लखनऊ में ऐरा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां सर्जरी के दौरान एक महिला के पेट में सर्जिकल औजार छोड़ दिया गया. जब महिला को पेट दर्द की शिकायत हुई तो पेन किलर देते रहे. तीन साल में पेट दर्द के इलाज में लाखों रुपए खर्ज हो गए. बाद में जब महिला को पूरी बात पता चली तो कोर्ट के जरिए 15 डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज करवाया.
एल्डिको सिटी ब्रिज आईआईएम क्रॉसिंग की रहने वाली रूप सिंह पत्नी होशियार सिंह का आरोप है कि फरवरी 2023 में एरा अस्पताल में की गई सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने उनके पेट में सर्जिकल औजार छोड़ दिया था. इसके बाद वह करीब ढाई साल तक तेज और असहनीय दर्द से जूझती रहीं, लेकिन अस्पताल की ओर से दर्द की असली वजह जानने की बजाय सिर्फ पेन किलर देकर पैसे वसूले जाते रहे.
पीड़िता का कहना है कि 2023 से 2025 के बीच इलाज के नाम पर करीब 5 लाख रुपये ले लिए गए. परेशानी बढ़ने पर 2 अगस्त 2025 को एरा अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया गया, जिसके बाद डॉक्टरों ने एपेंडिसाइटिस बताकर तुरंत ऑपरेशन और फीस जमा करने को कहा. संदेह होने पर पीड़िता ने 8-9 अगस्त 2025 को चरक अस्पताल में सीटी स्कैन कराया, जिसमें पेट के अंदर सर्जिकल औजार होने की पुष्टि हुई.
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20 अगस्त 2025 को चरक अस्पताल में ऑपरेशन कर पेट से सर्जिकल औजार निकाला गया. डिस्चार्ज समरी में इसका स्पष्ट ब्योरा है. ऑपरेशन के बाद पीड़िता की हालत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा.
पीड़िता का आरोप है कि एरा अस्पताल में कराए गए अल्ट्रासाउंड में भी औजार दिखा था, लेकिन डॉक्टरों ने इसे छिपाकर गलत रिपोर्ट तैयार की. पीड़िता ने 27-28 अगस्त 2025 को पुलिस आयुक्त, थाने और अन्य अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.
इसके बाद कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट के आदेश से एरा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के 15 डॉक्टरों के खिलाफ लापरवाही और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है. ठाकुरगंज थाना इंस्पेक्टर का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है.
आशीष श्रीवास्तव