लखनऊ स्थित केजीएमयू (KGMU) परिसर में महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव और भाजपा कार्यकर्ताओं के पहुंचने से भारी हंगामा हुआ, क्योंकि आयोग ने कुलपति सोनिया नित्यानंद और जांच कमेटियों पर धर्मांतरण के आरोपी रमीज मलिक को संरक्षण देने का आरोप लगाया है. आरोपी रमीज पिछले 18 दिनों से फरार है और पुलिस जांच में उसके पास लाखों की संदिग्ध फंडिंग और प्रतिबंधित संगठन PFI से जुड़े लिंक सामने आए हैं. अपर्णा यादव ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है, वहीं कुलपति ने भी परिसर में अराजकता की शिकायत दर्ज कराते हुए मुख्यमंत्री से मुलाकात की है.
अपर्णा यादव और कुलपति के बीच छिड़ी रार
महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव का आरोप है कि केजीएमयू प्रशासन और विशाखा कमेटी निष्पक्ष जांच के बजाय आरोपी रमीज मलिक की मदद करने वाले प्रोफेसरों को बचा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि वीसी ऑफिस के पास धार्मिक आयोजन होते थे.
दूसरी ओर, कुलपति से मुलाकात न होने पर परिसर में अव्यवस्था फैली, जिसके बाद वीसी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. अब केजीएमयू के डॉक्टर भी लामबंद हो गए हैं और 24 घंटे के भीतर एफआईआर न होने पर सेवाएं बंद करने की चेतावनी दी है.
फरार आरोपी का PFI लिंक और लाखों की फंडिंग
पुलिस जांच में फरार रमीज मलिक के बारे में सनसनीखेज जानकारियां मिली हैं. रमीज 18 दिनों की फरारी के दौरान कई डॉक्टरों के संपर्क में रहा और उसने फरारी काटने व महंगे वकील करने के लिए लाखों रुपये का फंड जुटाया. इस फंड का कनेक्शन प्रतिबंधित संगठन PFI और डॉ. शाहीन के करीबियों से बताया जा रहा है. आरोपी के खाते में बाहर से भी पैसा आया है. पुलिस अब दिल्ली, उत्तराखंड और यूपी के विभिन्न जिलों में छिपे मददगारों की तलाश कर रही है.
आशीष श्रीवास्तव