यूपी के बिजनौर में दो लड़कियां साथ रहने की जिद पर अड़ गईं. दोनों के परिवार वालों ने उन्हें लाख समझाया लेकिन वो नहीं मानीं. मामला पुलिस के पास पहुंच गया. लेकिन लड़कियों ने किसी की नहीं सुनी. आखिर में उनकी जिद के आगे सबको झुकना पड़ा. कोर्ट ने भी दोनों को साथ रहने की इजाजत दे दी. अब दोनों लड़कियां शादी कर करने की योजना बना रही हैं.
मामला बिजनौर की स्योहार थाना क्षेत्र के एक गांव का है. जहां रहने वाली प्रीति उत्तराखंड की एक फैक्ट्री में काम करती थी. वहीं, पर उसकी दोस्ती मुरादाबाद निवासी काजल से हो गई. कुछ ही दिन में उनकी ये दोस्ती प्यार में बदल गई. उन्होंने आपस में शादी रचाने की योजना बना ली.
घर से भाग गई थीं लड़कियां
लेकिन इसके लिए दोनों लड़कियों के परिजन तैयार नहीं हुए. परिजनों ने लड़कियों के आपस में शादी करने का जमकर विरोध किया. विरोध बढ़ता देख प्रीति और काजल 5 दिन पहले घर से फरार हो गईं.
इसके बाद प्रीति के पिता ने स्योहारा थाने में काजल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया. मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने दोनों लड़कियों की तलाश शुरू की. बीते दिन (18 जनवरी) उन दोनों को बरामद कर लिया गया. पुलिस ने उनके परिजनों को बुलाया, जहां प्रीति व काजल को खूब समझाया गया. उनकी काउंसलिंग भी कराई गई
कोर्ट ने दी साथ रहने की इजाजत
लेकिन दोनों साथ रहने की जिद पर अड़ी रहीं. वो किसी भी हालत में एक दूसरे को छोड़ने को तैयार नहीं हुईं. जोर-जबरदस्ती करने पर गलत उठाने की धमकी दी. जिसके बाद उनको बिजनौर सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया. जहां पर दोनों के बयान दर्ज कराए गए.
कोर्ट में भी प्रीति और काजल साथ रहने की जिद पर अड़ी रहीं. काफी समझाने के बाद भी वह अलग होने को तैयार नहीं हुईं. बाद में दोनों के बालिग होने की पुष्टि होने के बाद कोर्ट द्वारा उन्हें अपनी मर्जी के अनुसार रहने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई. प्रीति और काजल ने जल्द शादी रचाने की बात कही है. ये घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.
पुलिस ने क्या बताया?
मामले में धामपुर के सीओ सर्वम सिंह ने बताया कि दोनों लड़कियां घर छोड़ कर चली गई थीं. पुलिस ने इनको बरामद किया है, क्योंकि इसमें एक लड़की के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था.
बाद में इनको सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया जहां पर दोनों के 164 के तहत बयान हुए, जिसमें दोनों ने साथ रहने की बात की. जिसपर अदालत ने दोनों को बालिग मानते हुए अपनी मर्जी से रहने की स्वीकृति प्रदान कर दी. इसके बाद दोनों लड़कियां साथ में चली गईं. सुरक्षा की दृष्टि से यह बताया जाना सही नहीं है कि वह कहां गई हैं.
संजीव शर्मा