आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सोमवार को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की एक अहम बैठक सपा कार्यालय में हुई. इस दौरान लोकसभा चुनाव में साझा रैली करने पर चर्चा हुई. ये रैली पश्चिमी उत्तर प्रदेश से शुरू होकर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक की जाएगी. साथ ही कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन का गीत भी लॉन्च किया गया. बैठक में अखिलेश यादव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय समेत दोनों पार्टियों के बड़े नेता शामिल रहे.
इस दौरान कांग्रेस के खाते में आईं 17 सीटों पर प्रत्याशियों के अलावा उत्तर प्रदेश में खाली विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव पर भी चर्चा हुई. उपचुनाव में कांग्रेस अपने प्रत्याशी उतारेगी, जिसके लिए समाजवादी पार्टी से सहमत मांगी गई है. समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस से प्रत्याशियों की लिस्ट के बारे में जानकारी मांगी है. माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में खाली हुई 5 विधानसभा की सीटों पर उपचुनाव होगा, जिन पर कांग्रेस अपने प्रत्याशियों को INDIA गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी से मिलकर लड़ेगी. इन सभी सीटों पर कांग्रेस ने सपा का समर्थन मांगा है.
बैठक के बाद सपा और कांग्रेस की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि यह सपा-कांग्रेस की पहली बैठक है. इसमें 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने को लेकर चर्चा की गई है. इलेक्टोरल बॉन्ड पर सपा अध्यक्ष ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अगर मांगा है तो उम्मीद है कि यह पता चल सकेगा कि कहां से इलेक्टोरल बॉन्ड्स आए हैं. वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा हमने दिल्ली कोर कमेटी को रायबरेली और अमेठी का प्रस्ताव भेजा दिया है. हमारी तरफ से प्रस्ताव दिया गया है कि गांधी परिवार से ही कोई यहां से चुनाव लड़े.
बता दें कि सपा और कांग्रेस एक बार फिर यूपी में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने जा रही है. पर सहमति बन गई. दोनों दलों की राज्य इकाइयों ने गठबंधन की घोषणा कर दी है. यूपी में कुल 80 लोकसभा सीटें हैं. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को जो सीटें दी गई हैं, उनमें अमेठी, रायबरेली, प्रयागराज, वाराणसी, महाराजगंज, देवरिया, बांसगांव, सीतापुर, अमरोहा, बुलंदशहर, गाजियाबाद, कानपुर, झांसी, बाराबंकी, फतेहपुर सीकरी, सहारनपुर और मथुरा के नाम शामिल है. इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में भी दोनों पार्टियों ने गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था.
आशीष श्रीवास्तव