लखनऊ के इस ज्वेलर ने बनाए प्रभु राम के आभूषण, चांदी से बने हैं हाथी-घोड़े और अन्य खिलौने

भगवान राम के लिए मुकुट समेत कुल 14 जेवरात बने हैं. उनके खेलने के लिए चांदी के हाथी, घोड़े और खिलौने भी बनाए गए हैं. लखनऊ के HSJ ज्वेलर्स ने भगवान राम के आभूषणों को बनाया है. श्री राम मंदिर ट्रस्ट ने 15 दिन पहले पारंपरिक आभूषणों के एक्सपर्ट ज्वेलर्स से संपर्क किया और सिर्फ 12 दिन के अंदर भगवान राम के 14 आभूषण तैयार किए गए हैं.

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लखनऊ के ज्वेलर ने बनाए प्रभु राम के आभूषण लखनऊ के ज्वेलर ने बनाए प्रभु राम के आभूषण

संतोष शर्मा

  • अयोध्या,
  • 23 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 7:24 AM IST

सदियों के इंतजार के बाद आखिरकार रामलला अयोध्या में अपने जन्म स्थान पर भव्य मंदिर में विराजमान हो गए. 5 साल के बाल रूप में विराजे भगवान राम की श्याम वर्ण मूर्ति के साथ-साथ उनके बाल रूप को पहनाए गए जेवर भी अलौकिक हैं, जिसे लखनऊ के ही एक ज्वेलर ने बनाए हैं और ये सिर्फ 15 दिनों में तैयार किया गया है.

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भगवान राम के लिए मुकुट समेत कुल 14 जेवरात बने हैं. उनके खेलने के लिए चांदी के हाथी घोड़े और खिलौने भी बनाए गए हैं. हम आपको बताते हैं रामलला के लिए बनाए गए आभूषणों की विशेषता क्या है.

सिर्फ 12 दिनों में तैयार हुए आभूषण

लखनऊ के HSJ ज्वेलर्स ने भगवान राम के आभूषणों को बनाया है. श्री राम मंदिर ट्रस्ट ने 15 दिन पहले पारंपरिक आभूषणों के एक्सपर्ट ज्वेलर्स से संपर्क किया और सिर्फ 12 दिन के अंदर भगवान राम के 14 आभूषण तैयार किए गए हैं.

HSJ ज्वेलर्स के मालिक अंकुर अग्रवाल कहते है जब ज्वेलर्स को ट्रस्ट के पास भगवान राम का मुकुट बनाने के लिए आमंत्रित किया गया तो उनसे ट्रस्ट ने शर्त भी रखी थी कि  मुकुट और अन्य आभूषण बनाते समय इस बात का ध्यान रखें कि भगवान राम 5.5 साल के बालक हैं. जैसे साढ़े साल के बालक की वेशभूषा और आभूषण होते हैं वैसा ही मुकुट होना चाहिए.

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मुकुट, तिलक और अंगूठी में जड़े हैं हीरे

भगवान का तिलक 16 ग्राम सोने का है,  जिसके मध्य में तीन कैरेट हीरे और फिर दोनों तरफ लगभग 10 कैरेट हीरे लगाए गए है. तिलक के मध्य में जो माणिक्य इस्तेमाल हुआ है वह Burmese  Ruby बर्मी माणिक्य है.

भगवान राम को एक पन्ना की अंगूठी भी पहनाई गई है जिसका वजन 65 ग्राम है जिसमें 4 कैरेट हीरे और 33 कैरेट पन्ना लगाया गया है. अंगूठी के बीच में गहरे हरे रंग का जांबियन पन्ना लगाया गया है जो भगवान के वन गमन, सौहार्द्र और भगवान राम की बुद्धिमता का प्रतीक है

भगवान के दाहिने हाथ में 26 ग्राम सोने की माणिक्य की अंगूठी है जिसमें माणिक्य के साथ-साथ हीरे भी लगे हैं. भगवान राम के गले में करीब 500 ग्राम का सोने का हार है. भगवान राम के इस हार में करीब 150 कैरेट माणिक्य और लगभग 380 कैरेट पन्ना लगाए गए हैं. हार के मध्य में सूर्यवंश का चिन्ह पन्ना, माणिक्य और हीरे के फूलों से बनाया गया है.

भगवान राम लला के गले में सबसे बड़ा हार विजयमाला है जिसका वजन लगभग 2 किलो है जो 22 कैरेट सोने से बना है. भगवान की विजय माला में हिंदू धर्म के प्रतीक चिन्हों को दर्शाया गया है. पंच पवित्र पुष्प कमल, कुंड, पारिजात, चंपा और तुलसी जो पंचभूत और भगवान राम के प्रकृति प्रेम को बताते हैं उन्हें हार के मध्य में बनाया गया है.

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इसके साथी शंख चक्र को भी इस हार में दर्शाया गया है. हार की लंबाई ऐसी रखी गई है जो भगवान राम के चरणों को छू रहा है जो उनके चरणों में भक्ति और मानव कल्याण को दिखाता है. भगवान राम के नन्हें हाथों में 850 ग्राम के दो कंगन पहनाए गए हैं जिसमें करीब 100 हीरे और 320 पन्ना माणिक्य लगे हैं.

प्रभु राम के लिए चांदी के खिलौने

भगवान राम साढ़े 5 साल के बालक हैं तो उनके लिए खिलौने भी है. चांदी का घोड़ा, हाथी, ऊंट, झुनझुना, लट्टू बनाए गए हैं. प्रभु राम बाल रूप में है लेकिन वो धनुर्धारी है तो भगवान राम के धनुष बाण भी हैं. भगवान राम के धनुष बाण 24 कैरेट के 1 किलो सोने के धनुष बाण बनाए गए हैं.

 

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