फरवरी में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के लिए गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) अब 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश जुटाने के लक्ष्य पर काम करेगा. इसके पहले यह लक्ष्य 40 हजार करोड़ रुपये का था. लक्ष्य को पूरा करने के लिए 20 जनवरी के आसपास जिले में बड़े स्तर पर निवेशक सम्मेलन भी कराया जाएगा. प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए योगी सरकार व्यापक कार्ययोजना बनाकर काम कर रही है. इस दिशा में फरवरी में होने वाला ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट मील का पत्थर साबित होने जा रहा है. बीते करीब छह सालों में उत्तर प्रदेश में देश-दुनिया के निवेशकों का रुझान तेजी से बढ़ा है. निवेश की रफ्तार को और गतिमान करने में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का अहम योगदान होगा.
60 हजार करोड़ रुपये का टारगेट
जीआईएस को लेकर सरकार की तरफ से विभिन्न विभागों और औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को निवेश के लक्ष्य दिए गए हैं. इसके तहत गीडा को मिले लक्ष्य को रिवाइज कर 40 हजार करोड़ से बढ़ाकर 60 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है. हाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुंबई रोड शो, प्रवासियों, उद्यमियों, बैंकर्स व फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ संवाद के बाद गोरखपुर समेत पूरे प्रदेश में अधिकाधिक निवेश की संभावनाओं को पर लग गए हैं.
रोड और एयर कनेक्टिविटी की सुविधा तथा उद्यमियों की मांग के अनुरूप पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने के चलते समूचा गोरखपुर, खासकर गीडा पहले से निवेशकों की पसंद बना हुआ है. बताया जाता है कि जिले में जीआईएस के मद्देनजर अबतक 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव एमओयू की प्रक्रिया में आ चुके हैं.
सम्मेलन में भी कई निवेश प्रस्ताव मिलने की उम्मीद
गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पवन अग्रवाल का कहना है कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में गीडा निवेश लक्ष्य को जरूर हासिल करेगा. इसे लेकर अबतक अकेले गीडा में करीब छह हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं. इसके साथ ही गीडा में 145 औद्योगिक और व्यावसायिक भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है. इनके जरिये भी बड़े पैमाने पर निवेश होगा.
गीडा सीईओ के मुताबिक गोरखपुर महोत्सव और मकर संक्रांति पर लगने वाले खिचड़ी मेले के बाद 20 जनवरी के आसपास जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिले स्तर पर निवेशक सम्मेलन कराया जाएगा. सम्मेलन में भी कई निवेश प्रस्ताव मिलने की उम्मीद है.
गजेंद्र त्रिपाठी