लखनऊ से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां बेटे के जन्म के दिन ही पिता की सड़क हादसे में मौत हो गई. जिसके बाद पिता का शव उसी अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया, जिसमें उसका नवजात बेटा भर्ती था. एक तरफ अस्पताल में जच्चा-बच्चा भर्ती थे तो दूसरी तरफ पिता का शव मोर्चरी में रखा था. इस घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है.
दरअसल, पूरा मामला लखनऊ के बीकेटी थाना क्षेत्र का है, जहां बेटे के जन्म की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं जब सड़क हादसे में उसके पिता की मौत हो गई. पिता का शव उसी अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया जहां उसके बेटे का जन्म हुआ था. पिता की मौत बेटे के जन्म के कुछ समय बाद ही हो गई.
जानकारी के मुताबिक, मृतक सर्वेश थाना बख्शी तालाब (बीकेटी) के महिगंवा अतरौरा का रहने वाला था. बीकेटी में ही राम सागर मिश्र अस्पताल है, जिसमें सर्वेश की पत्नी सरोजनी को डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था. बुधवार रात सरोजनी ने बेटे को जन्म दिया. परिवार के लोग काफी खुश थे.
सड़क हादसे ने छीन ली खुशियां
सर्वेश रात में अस्पताल में ही रुका हुआ था. लेकिन परिजनों ने उसे घर जाकर सोने के लिए कहा. जिसपर वह बाइक से घर की ओर निकल पड़ा. लेकिन रास्ते में रात 11 बजे के करीब सीतापुर हाइवे पर तेज गति से आ रही एक दूसरी बाइक ने उसको टक्कर मार दी. टक्कर इतनी तेज थी सर्वेश उछल कर सड़क पर गिर गया और उसके सिर में गंभीर चोट लग गई. पुलिस ने आनन-फानन में उसे राम सागर मिश्र अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
जिसके बाद सर्वेश के शव को अस्पताल की मोर्चरी में शिफ्ट कर दिया गया. वहीं, इसी अस्पताल के वार्ड में उसकी पत्नी और बच्चा भर्ती था. बच्चे के जन्म के कुछ ही घंटे बाद पिता की मौत परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. जैसे ही इसकी सूचना सरोजनी को मिली वो बेसुध हो गई. उसका रो-रो कर बुरा हाल है. पुलिस ने बीते दिन सर्वेश का पोस्टमार्टम करवाया और फिर शव को उसके परिजनों को सौंप दिया.
आशीष श्रीवास्तव