उत्तर प्रदेश के बागपत से एक चौंकाने वाली और दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां मोबाइल गेम PUBG की लत एक किशोर की मौत की वजह बन गई. मोबाइल स्क्रीन पर चल रहा खेल मौत का फंदा साबित हुआ. घंटों तक मोबाइल में उलझे रहने की आदत इस कदर हावी हो गई कि किशोर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. कमरे में लटका शव देख परिवार में कोहराम मच गया.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. शुरुआती जांच में सामने आया है कि किशोर लंबे समय से मोबाइल गेम खेलने का आदी था और अधिकतर समय उसी में डूबा रहता था.
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मध्य प्रदेश का रहने वाला था किशोर
मृतक किशोर की पहचान रंजीत अहिरावल के रूप में हुई है. वह मध्य प्रदेश का रहने वाला था और उसका परिवार बागपत स्थित रामा आयुर्विज्ञान संस्थान की बिल्डिंग में मजदूरी का काम करता था. परिवार के अनुसार, रंजीत बीते कुछ समय से लगातार मोबाइल पर गेम खेलता रहता था.
दिन-रात मोबाइल में लगे रहना उसकी आदत बन चुकी थी. परिजन कई बार उसे समझाने की कोशिश भी करते थे, लेकिन वह मोबाइल से दूर नहीं हो पा रहा था. घटना वाले दिन रंजीत काफी देर तक नजर नहीं आया, जिसके बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की.
कमरे में लटका मिला शव
तलाश के दौरान जब एक कमरे का दरवाजा खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए. रंजीत का शव लोहे के पाइप से फांसी के फंदे पर लटका हुआ था. यह देखते ही परिजनों की चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए.
सूचना मिलने पर पुलिस ने पहुंचकर शव को नीचे उतरवाया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की. इसके बाद शव को मोर्चरी भेज दिया गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई.
पुलिस जांच और अधिकारियों की अपील
सीओ सिटी अंशु जैन ने बताया कि प्राथमिक जांच में मोबाइल गेम खेलने की लत सामने आई है. पुलिस ने किशोर का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि गेम की लत के चलते यह कदम उठाए जाने की आशंका है.
इस घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें, मोबाइल के इस्तेमाल के लिए समय-सीमा तय करें और बच्चों से लगातार बातचीत बनाए रखें. समय रहते ध्यान न दिया गया तो मोबाइल और ऑनलाइन गेम्स की लत जानलेवा साबित हो सकती है.
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मनुदेव उपाध्याय