जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की सेना द्वारा पाकिस्तान में की गई जवाबी कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से देशभर में देशभक्ति की भावना तेज हो गई है. इस माहौल में अयोध्या के एक दंपति ने अपने नवजात बेटे का नाम ‘सिंदूर’ रखकर सेना को सम्मान देने का अनोखा तरीका चुना है.
अयोध्या के कैंट थाना क्षेत्र के पलिया शाहबादी गांव निवासी सोनी कनौजिया ने 7 मई को जिला अस्पताल में बेटे को जन्म दिया. उसी दिन भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया था. इसी से प्रेरित होकर सोनी और उनके पति राहुल कनौजिया ने बेटे का नाम 'सिंदूर' रखा.
राहुल कनौजिया ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर में हमारी सेना ने जिस साहस का प्रदर्शन किया, उससे मैं भावुक हो गया. हम शहीदों की कुर्बानी को सम्मान देना चाहते थे, इसलिए बेटे का नाम सिंदूर रखा. मैं चाहता हूं कि वह बड़ा होकर देश की सेवा करे.'
जिला अस्पताल के आयुष्मान वार्ड की स्टाफ नर्स मीरा गौतम ने बताया कि 7 मई को पांच बच्चों का जन्म हुआ, जिनमें से एक को 'सिंदूर' नाम दिया गया.
ऑपरेशन सिंदूर दरअसल 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई थी. इसके बाद 7 मई को भारत ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर हमला किया.
बता दें कि ‘सिंदूर’ न सिर्फ विवाहिता महिलाओं के माथे की पहचान है, बल्कि यह त्याग और सम्मान का प्रतीक भी है. यही भावना अब इस नाम के जरिए देशभक्ति से जोड़ी जा रही है.
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में भी इस अभियान का गहरा असर देखने को मिला. यहां 10 और 11 मई को जन्मी 17 बच्चियों को उनके परिवारों ने 'सिंदूर' नाम दिया. कुशीनगर की अर्चना शाही, जिन्होंने हमले में एक परिजन को खोया, उन्होंने कहा, 'सिंदूर सिर्फ नाम नहीं, भावना है. यह हमारी श्रद्धांजलि है.'
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