16 सेकेंड में 34 फायर... अतीक-अशरफ को मारने से पहले तीनों शूटर्स ने देखे मूसेवाला मर्डर के Video

अतीक-अशरफ हत्याकांड में मौका-ए-वारदात का सीसीटीवी खंगालने पर SIT को पता चला कि तीनों आरोपियों ने महज 16 सेकेंड में अतीक और अशरफ की हत्या कर दी थी. तीनों ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की खबरें भी कई बार देखी थीं. दो शूटर के पास प्रेस का आई कार्ड था. ये आई कार्ड और कैमरे का आइडिया 2 साल पहले जितेंद्र गोगी ने ही दिया था.

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जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल करता है गोगी गैंग जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल करता है गोगी गैंग

अरविंद ओझा

  • दिल्ली,
  • 25 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 11:41 AM IST

माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. तीनों आरोपियों ने अतीक और अशरफ पर 16 सेकेंड में 34 गोलियां बरसाई थीं. अतीक-अशरफ हत्याकांड में मौका-ए-वारदात का सीसीटीवी खंगालने पर SIT को पता चला कि तीनों आरोपियों ने महज 16 सेकेंड में अतीक और अशरफ की हत्या कर दी थी.

अतीक अहमद और अशरफ के दो हत्यारों के पास टर्की मेड जिगाना पिस्टल थी और एक शूटर के पास देशी पिस्टल थी. 
हत्याकांड की जांच के लिए बनाई गई SIT टीम के  सदस्य ने बताया कि जिगाना पिस्टल से सबसे ज्यादा राउंड फायरिंग हुई थी, जबकि देशी पिस्टल से कुछ ही राउंड फायरिंग ही हो पाई थी. एक गोली देशी पिस्टल में फंस गई थी.

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लॉरेंस बिश्नोई को फॉलो कर रहे थे तीनों आरोपी

SIT की टीम प्रतापगढ़ जेल जाकर तीनों आरोपियों से फिर से पूछताछ कर सकती है. तीनों आरोपी लगातार गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को फॉलो कर रहे थे. तीनों ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की खबरें भी कई बार देखी थीं. दो शूटर के पास प्रेस का आई कार्ड था. ये आई कार्ड और कैमरे का आइडिया 2 साल पहले जितेंद्र गोगी ने ही दिया था.

गोगी ने सनी को दिया था जिगाना पिस्टल

जब जितेंद्र गोगी ने सनी को जिगाना पिस्टल दी थी और दिल्ली कोर्ट में अपने दुश्मन टिल्लू ताजपुरिया को मारने का टारगेट दिया था. जिस जितेंद्र गोगी गैंग ने सन्नी को जिगाना पिस्टल दी थी, वो गोगी गैंग लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ पहले ही हाथ मिला चुका है. गोगी को जब गिरफ्तार किया गया था, तब उसके पास से 5 जिगाना पिस्टल बरामद हुई थी.

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दिल्ली पुलिस से संपर्क कर सकती है SIT

जितेंद्र गोगी को गुरुग्राम से गिरफ्तार करने वाली दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस की टीम ने बताया कि टर्की मेड जिगाना पिस्टल पाकिस्तान से मंगवाई जाती है, गोगी गैंग के लोग नेपाल और बाकी अलग-अलग रूट से पाकिस्तान से जिगाना पिस्टल मंगवाते हैं. SIT की टीम गोगी गैंग से जुड़ी जानकारी के लिए दिल्ली पुलिस से भी संपर्क कर सकती है.

आज तक के हाथ गोगी गैंग के लोगों से जुड़ी ऐसी तस्वीरें हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था. इन तस्वीरों में भी शूटर जिगाना पिस्टल के साथ ही दिखाई दे रहे हैं.

फरार होने की थी तैयारी, लेकिन कर दिया सरेंडर

इस बीच पूछताछ में शूटर लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण मौर्या ने एसआईटी का यह जानकारी दी थी कि प्रयागराज में रेलवे स्टेशन और खुल्दाबाद थाने के बीच स्थित एक होटल में वो तीनों ठहरे थे. तीनों ने प्लान के मुताबिक अपना अपनी सिम मोबाइल से निकालकर फेंक दी थीं. हत्या के बाद तीनों शूटर होटल पहुंचकर अपना सामान लेकर फरार होने की फिराक में थे, लेकिन प्लान बी के तहत तीनों ने भारी पुलिस फोर्स देखकर आत्मसमर्पण करने का फैसला लिया. 

शूटरों ने बताया कि वो ई-रिक्शा से माफिया डॉन अतीक और उसके भाई अशरफ की रेकी के लिए जाते थे. सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने अपने मोबाइल नंबर भी बताए हैं. अतीक-अशरफ हत्याकांड के बाद Aajtak की टीम उस होटल में पहुंची, जहां तीनों शूटरो ठहरे थे. 

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ई-रिक्शा में सवार होकर करते थे रेकी

बता दें कि प्रयागराज के Hotel STAY INN में अतीक-अशरफ हत्याकांड की साजिश रची गई थी. लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण मौर्या ने 13 अप्रैल को शाम 8:30 बजे होटल में चेक इन किया और कमरा नंबर-203 में रुके थे.  होटल से ई-रिक्शा में सवार होकर शूटर रेकी के लिए निकलते थे. 

तीनों एक-एक करके ही बाहर जाते थे ताकि कोई किसी तरह का शक न करे. अतीक और अशरफ को जिस कचहरी में लाया जाता था, वहां भी तीनों ने रेकी की थी. शूटर 13 अप्रैल की शाम से अतीक और अशरफ का पीछा कर रहे थे, लेकिन उन्होंने हत्याकांड को अंजाम देने के लिए अस्पताल चुना, जहां अतीक-अशरफ को मेडिकल के लिए लाया गया था. 

 

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