अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद यूपी पुलिस ने टॉप 20 लोगों की ऐसी लिस्ट जारी की है जो उससे किसी न किसी मामले में पीड़ित थे. पुलिस की जारी लिस्ट में प्रयागराज के खुल्दाबाद का रहने वाले साहू परिवार भी शामिल है.
अतीक अहमद के बाहुबल और रसूख की वजह से यह परिवार 27 साल चुप रहा लेकिन अतीक.अशरफ के शूटआउट के बाद परिवार ने चुप्पी तोड़ी है. अशोक साहू के बड़े भाई और भतीजे ने उस समय के घटना के मंजर को बताते हुए अपनी कहानी बयां की है जो वो दिल में कई सालों से दबाए बैठे थे.
साल 1996 में प्रयागराज के सिविल लाइंस अग्रवाल हॉस्पिटल के पास एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसका आरोप बाहुबली अतीक अहमद के भाई अशरफ पर लगा था. ये हत्या साहू परिवार के बेटे अशोक साहू की हुई थी.
ये है पूरा मामला
प्रयागराज के खुल्दाबाद के रहने वाले अशोक साहू अपनी गली से कार से निकलकर कहीं जा रहे थे. उसी दौरान उनकी कार अशरफ की गाड़ी के सामने आ गई.
अशोक साहू की कार को पीछे जाने में मुश्किल हो रही थी, लेकिन बाहुबली अतीक अहमद के छोटे भाई अशरफ ने बोला की तुम अपनी गाड़ी पीछे करो ताकि मैं अपनी गाड़ी पहने निकाल लूं.
अशोक साहू ने कहा अपनी गाड़ी तुम पीछे कर लो मैं पहले निकाल लूं इस बात पर अशरफ आग बबूला हो गया और कहा कि तुम जानते नहीं मुझे मैं कौन हूं, मैं अतीक अहमद का भाई हूं.
अशोक साहू भी उससे बहस करने लगा और बाद में वहां मामला समाप्त हो गया. दोनों अपने-अपने रास्ते चले गए. जब अशोक साहू को पता चला कि अशरफ अतीक के भाई हैं तो वो फौरन अतीक के पास गए और अपनी सारी कहानी बयां किया.
अशोक साहू से अतीक अहमद ने कहा कि तुम भी छोटे भाई हो वो भी मेरा छोटा भाई है जाने दो, लेकिन अशोक साहू को जाते-जाते अतीक अहमद ने कहा कि अशोक साहू तुमने यह ठीक नहीं किया.
इस बात को कई दिन बीत जाने के बाद 19 जनवरी 1996 को प्रयागराज के सिविल लाइंस में अशोक साहू की गोली मारकर हत्या कर दी गई. साहू के परिवार का सीधा आरोप था कि इस हत्या के पीछे अतीक अहमद और अशरफ का हाथ है.
27 साल चुप रहा परिवार
1996 में बाहुबली अतीक अहमद विधायक था और पूरे इलाके में उसकी तूती बोलती थी. राजनीति में भी बड़ा नाम था और कोई भी उसके आगे टिक नहीं पाता था. इसी बात के चलते अशोक साहू का परिवार चुप रहा जबकि अतीक इस मामले में कई बार समझौता करने के लिए दबाव बनाता रहा.
अशोक साहू की हत्या के बाद साहू परिवार के बड़े भाई और भतीजे कहते हैं हमारे मामले में कई बार समझौता करने की बात अतीक अहमद ने की थी. साथ ही यह भी कहा कि अगर समझौता नहीं करोगे तो जिस तरह तुम्हारे भाई की हत्या हुई वैसे तुम लोग भी चले जाओगे.
अब अतीक अहमद और अशरफ की हत्या हो जाने के बाद से साहू परिवार खुश हैं. हालांकि इनका कहना है कि भले ही अशरफ और अतीक की मौत हो गई हो लेकिन हमारे भाई की हत्या में शामिल अशरफ के साथ कई लोग अभी जिंदा हैं जिनसे हम लोगों को जान का खतरा बना हुआ है.
आनंद राज