गोरखपुर: प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बीच गीता प्रेस में रामचरितमानस की पुस्तकें खत्म!

अयोध्या में प्रभु श्रीराम के गृह प्रवेश और मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे देश में हर्षोल्लास देखने को मिल रहा है. इसको लेकर गोरखपुर के गीता प्रेस में छपने वाली रामचरितमानस की पुस्तकों की बिक्री में खासी तेजी आई है. इसके बाद से गीता प्रेस प्रबंधन पुस्तकें छापने की तैयारी में जुटा है. गीता प्रेस प्रबंधन ने इस बात की पुष्टि की है.

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प्रतीकात्मक फोटो. प्रतीकात्मक फोटो.

रवि गुप्ता

  • गोरखपुर,
  • 13 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 4:17 PM IST

गीता प्रेस में छपने वाली रामचरितमानस की पुस्तकें खत्म होने की सूचना मिल रही है. अयोध्या में बन रहे राम मंदिर और उद्घाटन को लेकर पुस्तकों की बिक्री में खासी तेजी आई है. 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद इसकी मांग और बढ़ेगी. इसको लेकर गीता प्रेस प्रबंधन पुस्तकें छापने की तैयारी में जुटा है. गीता प्रेस प्रबंधन ने इस बात की पुष्टि की है. 

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अयोध्या में प्रभु श्रीराम के गृह प्रवेश और मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे देश में हर्षोल्लास देखने को मिल रहा है. देशभर के दूर दराज इलाके में भी इसकी धूम है. अयोध्या नगरी और प्रभु राम के बारे में जानकारी लेने के लिए गीता प्रेस के पुस्तकों पर भी निर्भर रहते हैं और लोग इन पुस्तकों को खरीद भी रहे हैं. मगर, एक साथ इतनी मांग बढ़ने की वजह से से रामचरितमानस पुस्तक शॉर्ट हो गई है. 

राम मंदिर निर्माण को लेकर पुस्तकों की मांग बढ़ी

गीता प्रेस के प्रबंधक ने बताया कि जयपुर से एक साथ 50 हजार की संख्या में गुटके के आकार वाले रामचरितमानस की मांग आई थी. इसे हमने उपलब्ध कराने में असमर्थता व्यक्त किया. इसके बाद भागलपुर से भी एक साथ दस हज़ार पुस्तकों की मांग आई थी. वहां भी हमने असमर्थता व्यक्त की. राम मंदिर के निर्माण की वजह से लगातार पुस्तकों की मांग बढ़ी है.

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दस हजार पुस्तकें राम मंदिर ट्रस्ट की सौंपी

प्रबंधक ने आगे बताया कि 22 जनवरी के बाद आगे भी मांग और बढ़ती ही जाएगी. चूँकि गीता प्रेस में जगह की भी कमी है, ऐसे में पहले से लगे ऑर्डर को छापने में लगा है. गीता प्रेस ने अपने तरफ से दस हजार पुस्तकें राम मंदिर ट्रस्ट की सौंपी है. ऐसे में अति व्यस्तता होने के कारण और जगह की कमी होने के कारण हम डिमांड पूरा करने में असमर्थता व्यक्त कर रहें हैं.

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