समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले के लिए पहुंचने की कोशिश कर रहे तीर्थयात्रियों को हो रही असुविधा को लेकर बुधवार को केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला बोला. X पर एक पोस्ट में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आश्चर्य जताया कि क्या रेल मंत्री का 3,000 विशेष ट्रेनें चलाने का वादा 2169 में होने वाले अगले महाकुंभ के लिए था.
अखिलेश यादव ने शेयर किया वीडियो
अखिलेश यादव ने कहा, 'भाजपा के झूठ से तंग आ चुके लोग पूछ रहे हैं कि क्या भाजपा सरकार के रेल मंत्री ने इस महाकुंभ के लिए 3,000 विशेष ट्रेनें चलाने का वादा किया था या 144 साल बाद 2169 में होने वाले अगले महाकुंभ के लिए.' उन्होंने प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों में सवार होने के लिए रेलवे स्टेशनों पर इंतजार कर रहे लोगों का एक वीडियो भी शेयर किया.
पेट्रोल और डीजल की कमी का सवाल उठाया
प्रयागराज में पेट्रोल संकट को दिखाते हुए एक अलग पोस्ट में उन्होंने कहा, 'हम कई दिनों से चेतावनी दे रहे थे कि पेट्रोल और डीजल की कमी से परेशानी होगी, लेकिन सरकार सुन नहीं रही थी.' उन्होंने कहा, 'अगर यूपी की भाजपा सरकार भीड़ का अनुमान लगाने और महाकुंभ के प्रबंधन में अपनी गलती स्वीकार कर ले, तो शायद समाधान संभव है.'
ट्रैफिक जाम को लेकर भड़के अखिलेश यादव
पिछले दिनों कुंभ में लगे ट्रैफिक के लंबे जाम पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा. अखिलेश ने कहा कि सरकार को सारे इंतजाम करने चाहिए थे. अगर ऐसा हुआ होता तो जनता को परेशानी नहीं होती. अखिलेश ने कहा, मुख्यमंत्री ने कहा था कि हमने 100 करोड़ लोगों के आने का इंतजाम किया है. लोग गाड़ियों में हैं, बसों में हैं, जाम में हैं. व्यवस्थाएं जो बनानी चाहिए थी वह इस सरकार ने बिगाड़ दी. मुख्यमंत्री ने खुद बिगाड़ी है, क्योंकि मुख्यमंत्री जी खुद इंजीनियर बन जाते हैं. मुख्यमंत्री खुद पुलिस अफसर बन जाते हैं. खुद डॉक्टर बन जाते हैं. खुद ट्रैफिक ऑफिसर बन जाते हैं. जब जिम्मेदार अधिकारियों को मौका नहीं देंगे तो यही परिस्थितियां होंगी.
'डीजल-पेट्रोल खत्म हो रहा है'
सपा अध्यक्ष ने कहा कि आप डिजिटल की बात कर रहे हैं तो वह डिजिटल कहां है. ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए ड्रोन का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहे हैं? वहां ना पानी है, ना खाना है ना सुविधा दे पा रहे हैं. अब तो सुनने में आ रहा है कि डीजल-पेट्रोल खत्म हो रहा है, यह तो आने वालों की तकलीफ है.
प्रयागराज में जो लोग हैं उनकी तकलीफ ज्यादा है. लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं. हमने कई तरह के कार्यक्रम देखे हैं, लेकिन प्रयागराज के लोग पहली बार ऐसे कार्यक्रम में हाउस अरेस्ट हो रहे हैं. यह सरकार अपने आप को चमका रही है, यह सरकार खुद को चमकाने के चक्कर में सबको डूबाना चाहती है.
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