घुड़सवारी हो या बुलेट राइडिंग...सब फर्राटे से करती हैं मोनालिसा, वीडियो हुए वायरल

बुलेट चलानी हो या ट्रक, खेत में ट्रैक्टर चलाना हो या फिर घुड़सवारी, सभी में ओडिशा की मोनालिसा भद्र को महारत हासिल है. दिलचस्प बात है कि मोनालिसा ये सारे काम भारतीय महिलाओं की पारम्परिक पोशाक साड़ी पहनकर ही करती हैं.  

Advertisement
Odisha news. Odisha news.

मोहम्मद सूफ़ियान

  • जाजपुर ,
  • 06 जून 2021,
  • अपडेटेड 8:47 PM IST
  • यू-ट्यूब पर मोनालिसा के पति ने बना रखा है चैनल
  • मोनालिसा के 22 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स

ओडिशा की एक महिला सोशल मीडिया पर छाई हुई है. यूट्यूब पर इस महिला से जुड़े चैनल के लाखों फॉलोअर्स हैं. बुलेट चलानी हो या ट्रक, खेत में ट्रैक्टर चलाना हो या फिर घुड़सवारी, सभी में ओडिशा की मोनालिसा भद्र को महारत हासिल है. दिलचस्प बात है कि मोनालिसा ये सारे काम भारतीय महिलाओं की पारम्परिक पोशाक साड़ी पहनकर ही करती हैं.  

Advertisement

जो काम अभी तक पारम्परिक तौर पर पुरुषों से ही जुड़े माने जाते रहे हैं, उन्हें फर्राटे से करते वक्त मोनालिसा को कोई दिक्कत पेश नहीं आती. ओडिशा के खदान बहुल जाजपुर जिले की बेरूदा पंचायत के जहाल गांव से ताल्लुक रखने वालीं मोनालिसा के पति का नाम बद्रीनारायण भद्र है.  

मोनालिसा ग्रामीण भारत की महिलाओं की नुमाइंदगी करने वाला नया चेहरा हैं. उन्होंने साबित किया है कि अगर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को भी मौका मिले तो वो किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहेंगी. 

हाउसवाइफ होने के साथ मोनालिसा ने सोशल मीडिया पर विशेष पहचान बना ली है. यूट्यूब पर मोनालिसा से जुड़े चैनल के 22.6 लाख सब्सक्राइबर्स हैं. इस पर अपलोड किए गए वीडियोज में मोनालिसा घुड़सवारी, बुलेट चलाते, वॉल्वो बस-ट्रक-ट्रैक्टर ड्राइव करते नजर आती हैं.  हालांकि, मोनालिसा अपने चैनल के लिए सारा श्रेय अपने पति बद्रीप्रसाद भद्र को देती हैं. उन्होंने ही मई 2016 में यू ट्यूब चैनल तैयार किया था.  

Advertisement
मोनालिसा ये सारे काम भारतीय महिलाओं की पारम्परिक पोशाक साड़ी पहनकर ही करती हैं.

ये सारे हुनर रखने के साथ मोनालिसा को पशुओं, खास तौर पर बंदरों से भी बहुत लगाव है. अपनी बेटी के साथ बंदरों को खाना खिलाना उनका हर दिन का रूटीन है. उनके एक पड़ोसी कहते हैं कि मोनालिसा जो आज इतनी फेमस हो गई हैं, उसकी एक वजह पशुओं के लिए इतना प्रेम और दयाभाव रखना भी है. मोनालिसा ने घर में भी कई पशु पाले हुए हैं. उनके दिन का अधिकतर हिस्सा उन्हीं की देखभाल करने में निकलता है. महिला अधिकार कार्यकर्ता नाजिया आफरीन ने आजतक से बातचीत में मोनालिसा को महिला सशक्तिकरण के लिए मिसाल बताया. 

नाजिया ने कहा, 'ये तथ्य है कि हमारा समाज पुरुष प्रधान है और अधिकतर पुरुष चाहते हैं कि महिला घर की चारदीवारी के अंदर ही सीमित रहें. यही वजह है कि महिलाओं को मुख्य धारा में आने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. इसी का नतीजा है कि उन्हें दबाव सहना पड़ता है, कई मामलों में अन्याय के खिलाफ बिना आवाज उठाए महिलाएं हिंसा तक को अपना नसीब मान लेती हैं. कई बार वो सोचती हैं कि उनकी आवाज अनसुनी रहेगी और न्याय नहीं मिलेगी. इसी वजह से महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं.'
 

Advertisement

ये भी पढ़ें

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement