एक शख्स को मॉडल के बारे में अफवाह फैलाना भारी पड़ गया. मॉडल ने उसपर केस दर्ज करवा दिया. दरअसल, शख्स ने एक आर्टिकल लिखकर दावा किया था कि मॉडल को एड्स है. मॉडल के मुताबिक, इस फर्जी दावे ने उसकी आजीविका को प्रभावित किया और छवि को भी खराब किया. जिसके बाद उसने शख्स को सबक सिखाने के लिए कोर्ट केस कर दिया. वहीं, शख्स के वकील का कहना था कि वो मजाक कर रहा था.
हाल ही में शख्स की न्यूजीलैंड की एक जिला कोर्ट में पेशी हुई. उसे हानिकारक डिजिटल संचार अधिनियम एक्ट के उल्लंघन का दोषी ठहराया गया. उसपर मॉडल से ऑनलाइन दुर्व्यवहार का आरोप लगा था. साथ ही यह आरोप भी लगा था कि उसने मॉडल के बारे में गलत अफवाह फैलाई कि उसे एड्स है.
इस घटना के बारे में मॉडल और सेक्स वर्कर लिसा लुईस (Lisa Lewis) ने कहा- 'शख्स ने मेरे बारे में जो बातें कही, वो बदनाम करने वाली और बहुत निंदनीय थीं. मुझे लगता है कि वो मुझे और मेरी इनकम के स्त्रोत को नष्ट करना चाहता था. वो मुझे तो नष्ट नहीं कर पाया लेकिन उसने मुझे अपमानित जरूर किया.'
'डेली स्टार' के मुताबिक, न्यूजीलैंड में रहने वाली लिसा लुईस एक एडल्ट मॉडल हैं. वो पूर्व में सेक्स वर्कर भी रही हैं. सोशल मीडिया पर वो काफी फेमस हैं. 2006 में रग्बी मैच के दौरान लुईस बिकनी पहनकर पिच तक पहुंच गई थीं. उस वक्त उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरी थीं.
मॉडल के बारे में अफवाह फैलाने वाले को मिली ये सजा
मॉडल के बारे में अफवाह फैलाने वाले शख्स को जज डेविड रॉबिन्सन ने तीन महीने की नजरबंदी, 12 महीने की गहन निगरानी और 100 घंटे के सामुदायिक कार्य की सजा सुनाई. वहीं, शख्स के वकील ने कहा- वह (दोषी) हर समय पीता था, वह हमेशा नशे में रहता था. उस वक्त उसने अपना होश खो दिया था. उसने सोचा कि यह मजाकिया है.
गौरतलब है कि जून 2018 में लिखे गए अपने पहले आर्टिकल में शख्स ने यह भी दावा किया था कि लिसा लुईस को बुजुर्ग War Veterans को सेक्स सर्विस प्रदान करने के लिए रखा गया है. फिर लिखा कि लुईस सेक्स सर्विस प्रदान करते हुए एक सरकारी घर में रह रही हैं. एक और आर्टिकल में शख्स में लिखा कि लुईस को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. हालांकि, शख्स के तीनों दावे सच साबित नहीं हो सके.
aajtak.in