ये क्या... डॉक्टरी से ज्यादा कबाड़ से कमा लेती है लड़की, सैलरी जान हो जाएंगे हैरान

डॉक्टर के माता-पिता एक रिसाइक्लिंग स्टेशन चलाते हैं. अस्पताल से आने के बाद वह इस रिसाइक्लिंग स्टेशन के लिए कबाड़ इकट्ठा करने, उसे स्टेशन तक ले जाने और फिर छांटने का काम करती है.

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डॉक्टरी से ज्यादा कबाड़ से कमा लेती है महिला (फोटो - AI जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर) डॉक्टरी से ज्यादा कबाड़ से कमा लेती है महिला (फोटो - AI जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 मई 2025,
  • अपडेटेड 2:55 PM IST

एक लड़की जो पेशे से डॉक्टर है. डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक अच्छे अस्पताल में नौकरी कर रही है. फिर भी उसकी कमाई उतनी नहीं है, जितना वह कबाड़ बेचकर पार्ट टाइम कमा लेती है. 

ये सुनकर थोड़ा अटपटा लग सकता है, लेकिन सच्चाई यही है कि एक लड़की डॉक्टरी से ज्यादा पैसा कबाड़ से कमा लेती है. यह कहानी चीन की एक महिला डॉक्टर की है. वह अस्पताल में एक डॉक्टर के रूप में काम करती है. वहां से आने के बाद वह कचरा इकट्ठा करने में लग जाती है. 

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अस्पताल से आकर कबाड़ इकट्ठा करने का काम करती है डॉक्टर
दरअसल, डॉक्टर के माता-पिता एक रिसाइक्लिंग स्टेशन चलाते हैं. अस्पताल से आने के बाद वह इस रिसाइक्लिंग स्टेशन के लिए कबाड़ इकट्ठा करने, उसे स्टेशन तक ले जाने और फिर छांटने का काम करती है.उसके माता-पिता बेटी की काम में हाथ बंटाने के बदले उसे पॉकेट मनी की तरह कुछ पैसे दे देते हैं. 

अस्पताल की सैलरी से ज्यादा कबाड़ से आ जाते हैं पैसे
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार महिला डॉक्टर ने बताया कि मेरे माता पिता कबाड़ का काम करने के बदले मुझे साधारण तौर पर जितने पैसे देते हैं, वो मेरे अस्पताल में डॉक्टर की महीने भर की सैलरी से काफी ज्यादा होता है्. मुझे अस्पताल से एक महीने की सैलरी सिर्फ 4,000 युआन (46 हजार रुपये) है. जबकि मेरे माता-पिता मुझे काम के एवज में इससे ज्यादा करीब 50 से 60 हजार रुपये देते हैं.

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कबाड़ का काम करने वाली डॉक्टर की हो रही चर्चा
26 साल की डॉक्टर का नाम जिओंग है. वह दक्षिण-पश्चिमी चीन के सिचुआन प्रांत के चेंग्दू में एक छोटे से निजी अस्पताल में फुल टाइम काम करती हैं. शियाओशियांग मॉर्निंग हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने रिसाइक्लिंग स्टेशन पर काम करते हुए अपने दिनचर्या का एक वीडियो चीनी सोशल मीडिया पर शेयर किया था. इसमें उसने अस्पताल से मिलने वाली सैलरी और कबाड़ से होने वाली कमाई की तुलना भी की थी.  अब इसकी काफी चर्चा हो रही है.

अस्पताल से आने के बाद सिर्फ 3 से 4 घंटे रिसाइक्लिंग स्टेशन में करती है काम
अस्पताल में जिओंग का दिन सुबह 8 बजे शुरू होता है और शाम 5.30 बजे खत्म हो जाता है.
काम से छुट्टी मिलने के बाद वह सीधे पास के कबाड़ रिसाइक्लिंग स्टेशन पर जाती है. इस स्टेशन का संचालन दरअसल उसके माता-पिता ही करते हैं. जिओंग यहां वस्तुओं को छांटने, ले जाने, परिवहन करने और बेचने में मदद करती हैं. वे आम तौर पर रात 9 बजे अपना काम खत्म करके घर आ जाती हैं.

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जिओंग की मदद के अलावा, उसके माता-पिता ने मशीनों पर काम करने और ट्रक चलाने के लिए दो कर्मचारियों को भी नौकरी पर रखा है. जिओंग अस्पताल में प्रति माह 4,000 युआन (46 हजार रुपये) कमाती है, जबकि उसके माता-पिता उसे औपचारिक वेतन न देकर ऐसे ही पिन मनी देते हैं, जो उसके हॉस्पिटल की सैलरी से कहीं ज्यादा होती है. 

बचपन से रिसाइक्लिंग स्टेशन में कर रही काम 
जिओंग ने कहा कि वह रिसाइक्लिंग स्टेशन पर कठिन काम करने की आदी हो गई हैं, क्योंकि बचपन से ही वह वहां अपने माता-पिता की मदद करती रही हैं.अगर मैं ज़्यादा काम करूंगी, तो वे कम काम करेंगे. साथ ही, मैंने जीवित रहने का हुनर ​​भी सीखा है. वर्षों के शारीरिक श्रम के कारण, ज़िओंग ने अपनी बांह की मांसपेशियों को भी मजबूत बना लिया है. जिओंग के अनुसार, धातु अपशिष्ट आमतौर पर अन्य प्रकार के अपशिष्टों की तुलना में उतना गंदा नहीं होता है.

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