आखिरकार भक्तों का इंतजार अब खत्म हुआ. आज अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो गई है. यहां राम मंदिर बनने के साथ ही टूरिज्म के मामले में गोल्डन ट्रायंगल पूरा हो गया है. ये क्या है? अब इस बारे में बात कर लेते हैं. यहां ट्रायंगल की बात अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी के लिए हो रही है. इन्हें अगर मैप पर देखा जाए, तो एक ट्रायंगल जैसी आकृति दिखाई देगी. यहां टूरिज्म काफी तेजी से बढ़ रहा है.
अगर इन तीनों को मिला दें, तो करीब 40 करोड़ विजिटर्स और टूरिस्ट यहां आए हैं. यहां विजिटर्स का मतलब सुबह जाकर शाम को आने वाले लोगों से है और टूरिस्ट का मतलब उन लोगों से है, जो कम से कम एक रात यहां बिताएं. अब उत्तर प्रदेश एक बड़े टूरिज्म हब के तौर पर उभर रहा है.
खासकर अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनने की वजह से. कहा जा रहा है कि अयोध्या में निर्माण कार्य पूरी तरह 2025 तक खत्म हो जाएगा. अयोध्या के अलावा अन्य तीर्थ स्थल भी उत्तर प्रदेश में लगातार विकसित हो रहे हैं. यहां तक पहुंचने के लिए भी सरकार तमाम सुविधाएं उपलब्ध करा रही है. लोग इन स्थानों तक आराम से पहुंच सकें, इसके लिए सरकार सड़क, हाईवे और एयरपोर्ट निर्माण करवा रही है.
लोगों के लिए खास ट्रेन चलाई जा रही हैं. वाराणसी में घाटों का काफी विकास किया जा रहा है. यहां आने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. साल 2017 में अयोध्या आने वाले लोगों की संख्या बहुत कम थी. यहां करीब 3 लाख लोग ही आए थे. वहीं 2021 में ये संख्या थोड़ी बढ़ी. यानी मंदिर बनना शुरू होने के बाद. अब ये संख्या अपने उच्च स्तर पर है.
वहीं वाराणसी में भी 2017 के मुकाबले 2023 में आने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है. 2019 में 3.5 लाख से, 2023 आते आते अयोध्या ने 2 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया, जबकि वाराणसी में इसी अवधि में संख्या 67 लाख से 8.5 करोड़ हो गई है. सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं के अलावा सस्ते टूट पैकेज के चलते लोग इन स्थानों को घूमने के साथ ही इनके आसपास के स्थानों को भी घूम लेते हैं. जिससे उन दूसरे स्थानों पर आने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढ़ जाती है.
Shilpa