पाकिस्तान में शनिवार को हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों घायल हुए हैं. जो तस्वीरें सामने आई हैं उससे साफ पता चलता है कि प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए थे और पुलिस के वाहनों को आग के हवाले कर दिया. हालांकि, भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए थे. लेकिन दिन भर की कार्रवाई के बाद भी प्रदर्शनकारी पूरी तरह हटे नहीं है. रविवार को पाकिस्तान की सेना की ओर से कहा गया है कि पुलिस की मदद करने को वे तैयार हैं.
आइए देखते हैं घटना की और PHOTOS....
कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और सुरक्षाबल के जवान कार्रवाई में घायल हो गए हैं. हालांकि, किसी सुरक्षाबल की मौत नहीं हुई है.
प्रदर्शन खत्म करने के लिए 8500 स्पेशल पुलिस के जवान लगाए गए थे. इन्हें इलाइट पुलिस कहा जाता है.
प्रदर्शन तब शुरू हुआ था जब रसूल अल्लाह नाम के इस्लामिक संगठन ने एक
इलेक्शन एक्ट की कुछ बातों को लेकर विरोध शुरू किया था. हालांकि, बाद में
एक्ट से विवादित बातों को हटा दिया गया.
फैजाबाद के पास 8 नवंबर से ही प्रदर्शन हो रहे थे. इसी को खत्म करने के
लिए इस्लामाबाद पुलिस ने कार्रवाई की. इससे पहले प्रदर्शन खत्म करने के लिए
समयसीमा दी गई थी.
एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन की वजह से नेशनल टी-20 कप का मैच भी टाल
दिया गया था.
पाकिस्तान के गृहमंत्री एहसान इकबाल के खिलाफ शुक्रवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट (आईएचसी) ने अदालत की अवमानना का नोटिस जारी किया था जिसके बाद यह अभियान शुरू किया गया. यह नोटिस सड़क खाली कराने से संबद्ध अदालत के आदेश को लागू करने में नाकाम रहने के बाद जारी किया गया.
तहरीक-ए-खत्म-ए-नबूवत, तहरीक-ए-लबैक या रसूल अल्लाह टीएलवाईआर और सुन्नी तहरीक पाकिस्तान एसटी के करीब 2,000 कार्यकर्ताओं ने दो सप्ताह से अधिक समय से इस्लामाबाद एक्सप्रेसवे की घेरेबंदी कर रखी थी. यह सड़क इस्लामाबाद को इसके एकमात्र हवाईअड्डे और सेना के गढ़ रावलपिंडी को जोड़ती है.
प्रदर्शनकारी खत्म-ए-नबूवत सितंबर में पारित चुनाव अधिनियम 2017 में
बदलावों को लेकर कानून मंत्री जाहिद हमीद के इस्तीफे की मांग कर रहे थे.
उधर, इस बवाल से अलग पाकिस्तान में शनिवार को एक बम विस्फोट भी हुआ. पाकिस्तान
के दक्षिण पश्चिमी शहर क्वेटा में शनिवार को एक बम विस्फोट में चार लोगों
की मौत हो गई और 13 अन्य घायल हो गए.
इस्लामाबाद सिटी मजिस्ट्रेट ने शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों को आधी रात
तक वहां से हटने या नतीजा भुगतने की चेतावनी जारी की थी. टीवी फुटेज में
पुलिस प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़ती और सुरक्षाकर्मी बल
प्रयोग करते दिखे.
कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर विभिन्न पुलिस थानों में भेजा गया था.
प्रदर्शनकारियों के पथराव के चलते कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए.
प्रदर्शनकारी कानून मंत्री के इस्तीफे पर अड़ गए थे. हालांकि, सरकार ये मांग मानने को तैयार नहीं थी.
अधिकारी के अनुसार करीब 2,000 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अभियान में 8,000
से अधिक सुरक्षा कर्मियों ने हिस्सा लिया था.