पाकिस्तान के सिंध प्रांत की सरकार ने मुनाफाखोरी पर लगाम लगाने के लिए 80
हजार मास्क की एक खेप जब्त की. पुलिस को विक्रेताओं और स्टॉकिस्टों के
जमाखोरी की शिकायतें मिल रही हैं. इसी पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने
कार्रवाई करनी शुरू की है.
डॉन न्यूज के अनुसार, देश में कोरोनावायरस संक्रमण के दो मामले सामने आने के बाद से मास्क की कीमतों में अचानक से उछाल आ गया है. अधिकारियों ने शुक्रवार को पोर्ट कासिम में छापेमारी कर एन95 कैटेगरी के मास्क को जब्त किया. यह खेप यहां आने के लिए अधिकारियों से अनुमति मिलने के इंतजार में थी. (प्रतीकात्मक फोटो)
इससे पहले, सिंध ड्रग इंस्पेक्टरों ने शहर में कच्ची गली के नाम से चर्चित दवा के थोक बाजार में छापा मारा. यहां वे किसी भी मुनाफाखोर या जमाखोरी के आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर सके और खाली हाथ लौट गए. (प्रतीकात्मक फोटो)
डॉन न्यूज ने चीफ ड्रग इंस्पेक्टर शोएब अंसारी के हवाले से कहा, '80 हजार एन95 कैटेगरी के मास्क की खेप को हमने जब्त कर लिया है.' (प्रतीकात्मक फोटो)
उन्होंने आगे कहा, 'मास्क आयात करने वाली कंपनी को यह साबित करना होगा कि खेप के आयात में कोई अवैध तरीका नहीं अपनाया गया. कंपनी को यह भी बताना होगा कि सभी निर्धारित नियमों व विनियमों का पालन करते हुए इन मास्क को लेकर यहां आई है.' (प्रतीकात्मक फोटो)
अधिकारी ने कहा कि अगर सभी दस्तावेज वैध पाए गए तो कंपनी को मास्क की कीमत चुका दी जाएगी. सरकार इस मास्क को सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराएगी जहां मास्क की किल्लत है. (प्रतीकात्मक फोटो)
कोरोनोवायरस की रिपोर्ट के बाद हाल ही में मास्क की कमी के बीच सिंध सरकार ने अस्पतालों में मास्क उपलब्ध कराने के लिए सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए इसके व्यापार को नियंत्रित करने का निर्णय लिया है, जिससे मुनाफाखोरी पर लगाम लगाई जा सके.
अधिकारियों ने कहा कि इसी क्रम में खेप को जब्त किया गया है, ताकि सही मूल्य के अनुसार अस्पतालों में इसे वितरित किया जा सके. (प्रतीकात्मक फोटो)