बुधवार को नानाजी देशमुख की जयंती समारोह को संबोधित पीएम ने कहा कि अब गांवों में शौचालय को इज्जत घर कहा जा रहा है, दरअसल इज्जत घर वो नाम है जिसे पीएम मोदी ने बायो टॉयलेट के लिए पसंद किया है जिसपर अब काफी समय से काम भी शुरू हो चुका है. मतलब ये कि सरकार ने शौचालय को इज्जत से जोड़ दिया है. वैसे था ये साफ-सफाई या हाइजीन का मसला. खैर नाम का क्या है, कुछ भी हो.. क्या फर्क पड़ता है? काम में दम होना चाहिए. सरकार के स्वच्छ भारत मिशन को 3 साल पूरे हो चुके हैं, सवाल ये है कि क्या जमीं पर बदलाव ला पाई है सरकार? देखें- इस खास शो में.