संजय सिन्हा सुना रहे हैं रामायण की कहानी कि कैसे गुरु वशिष्ठ ने राजा दशरथ के लिए यज्ञ किया था और दशरथ को राम के रूप में पुत्रधन के प्राप्ति हुई थी. वह उस सवाल का भी जिक्र कर रहे है कि कैसे वे मां से पूछा करते कि आखिर वे खुद ही राजा क्यों नहीं बन गए. उनकी मां बताती हैं कि साधू को साधू ही रहना चाहिए. वे इस कहानी को विस्तार दे रहे हैं कि कैसे एक साधू किसी राज का कार्यभार संभाल रहे थे और वे वहां से मौके पर निकल गए. देखें पूरा वीडियो...