गाजियाबाद का गैंग, दुबई में सेमिनार, थाईलैंड तक नेटवर्क... ऐसे शेयर निवेशकों से हुई 22 करोड़ की ठगी

साइबर फ्रॉड के आए दिन नए-नए केस सामने आ रहे हैं, जहां पुलिस को इस मामले में बड़ी सफलता हासिल हुई है. Delhi-NCR के शहर गाजियाबाद से पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जो फेक ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग का झांसा देकर लोगों को चूना लगाते हैं. इतना ही नहीं, इस गिरफ्तारी से एक बड़े गिरोह की जानकारी मिली है, जो दुबई में सेमिनार करता है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

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फेक ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करते थे. (Representational image) फेक ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करते थे. (Representational image)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 19 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 7:32 PM IST

साइबर फ्रॉड के आए दिन नए-नए केस सामने आ रहे हैं, जहां भोले-भाले लोगों को शिकार बनाया जा रहा है. आज आपको एक ऐसे ही गैंग के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसको गिरफ्तार किया है और उन्होंने करीब 22 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया है. गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि दुबई में सेमिनार हुआ था.  

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साइबर सेल थाना पुलिस ने सोमवार को दो शातिरों को गिरफ्तार किया. यह गिरोह भोले-भाले लोगों को फेक शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगता था और उनकी मेहनत की कमाई उड़ा लेता था. 

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23 राज्यों के लोगों को लगाया चूना

फेक ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर यह लोग 23 राज्यों के 168 लोगों के साथ 22 करोड़ 42 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दे चुके हैं. गिरफ्तार किए गए आरोपी असल में रकम जमा कराने के लिए बैंक खाता मुहैया कराते थे. इसके साथ ही सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जाल में भी फंसाते थे. 

यह भी पढ़ें: साइबर फ्रॉड पर बड़े एक्शन की तैयारी... सरकार ने कंपनियों से फेक इंटरनेशनल कॉल्स रोकने को कहा

3 साइबर ठगी के केस का खुलासा 

रिपोर्ट के मुताबिक,  अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार पी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में गाजियाबाद की तीन घटनाओं का भी खुलासा हुआ है. कुशलपाल सिंह से 70 लाख, भगवंत कुमार सिंह बोरा से 24.81 लाख रुपये की ठगी और राहुल राजा ने 52 लाख रुपये की ठगी हुई थी. ठगी की गई रकम से 36 लाख रुपये की रिकवरी हो चुकी है. 

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सोशल मीडिया के जरिए हुआ संपर्क 

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए इस गिरोह के सरगना हुसैन से संपर्क में आए थे. बातचीत के बाद उन्हें काम देने लगा. गिरफ्तार किए गए लोग, आम लोगों के डॉक्यूमेंट लेकर, उनके नाम से फेक बैंक अकाउंट ओपेन कराते थे. इसके बाद इन खातों को हुसैन को बेच दिया जाता था. इसके बाद ये आरोपी इन अकाउंट में से ठगी की रकम को निकाला करते थे. 

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दुबई में हुआ था सेमिनार 

राहुल ने पूछताछ में बताया कि बीते कुछ दिन पहले दुबई में एक सेमिनार हुआ था. इस सेमिनार में दूसरे देशों में मौजूद ठग भी शामिल हुए. ये लोग थाइलैंड, इंडोनेशिया और नेपाल जैसे देशों से आए थे. 

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