ऐसे बदल गया देश का राजनीतिक नक्शा, केंद्र में मजबूत लेकिन राज्यों में कमजोर हुई भाजपा

महाराष्ट्र में चुनाव परिणाम आने के बाद शिवसेना ने अपनी कई सालों पुरानी सहयोगी बीजेपी से गठबंधन तोड़कर ​एनसीपी और कांग्रेस जैसे विरोधी दलों से हाथ मिला लिया. इस नए पोस्ट-पोल गठबंधन की वजह से बीजेपी शासित राज्यों में से एक राज्य और कम हो गया.

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बीजेपी केन्द्र में मजबूत जबकि राज्यों में कमजोर (GFX: DIU for India Today) बीजेपी केन्द्र में मजबूत जबकि राज्यों में कमजोर (GFX: DIU for India Today)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 6:21 PM IST

  • 2019 में BJP केन्द्र में हुई मजबूत लेकिन राज्यों में हुई कमजोर
  • 2019 में 6 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव, 7वें में चुनाव जारी

महाराष्ट्र में बीजेपी के हाथ से सत्ता जाने और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह बात कई बार उठी कि देश में मोदी लहर की ताजा स्थिति क्या है. क्या अभी भी देश की जनता को मोदी-शाह की जोड़ी पर भरोसा है या ये भरोसा धीरे-धीरे टूट रहा है. साल 2019 में 6 राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए जबकि 7वें राज्य में फिलहाल चुनाव प्रक्रिया चल रही है.

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महाराष्ट्र में चुनाव परिणाम आने के बाद शिवसेना ने अपनी कई सालों पुरानी सहयोगी बीजेपी से गठबंधन तोड़कर ​एनसीपी और कांग्रेस जैसे विरोधी दलों से हाथ मिला लिया. इस नए पोस्ट-पोल गठबंधन की वजह से बीजेपी शासित राज्यों में से एक राज्य और कम हो गया.

2019 में बीजेपी को कहीं फायदा कहीं नुकसान

2019 में अब तक 6 राज्यों में विधानसभा चुनाव हो चुके हैं जबकि 7वें राज्य (झारखंड) में चुनाव चल रहे हैं, यहां 23 दिसंबर को चुनाव परिणाम आने हैं. 2019 में आंध्र प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम, हरियाणा और महाराष्ट्र में चुनाव हुए हैं.

11 अप्रैल को आंध्र प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी को इस बार एक भी सीट पर जीत नहीं मिली, पिछले विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने वहां 4 सीटें जीती थीं.

अप्रैल 2019 में कई चरणों में हुए ओडिशा विधानसभा चुनावों में बीजेपी को इस बार 23 सीटें मिलीं. बीजेपी यहां पिछले चुनावों में सिर्फ 10 सीट जीत पाई थी. यानी ओडिशा में बीजेपी को 10 सीटों का फायदा हुआ.

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11 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी को 60 में से 41 सीटों पर जीत मिली. इससे पहले हुए चुनावों में बीजेपी के खाते में सिर्फ 11 सीटें ही आई थीं. इस तरह देखें तो अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी को कुल 30 सीटों का फायदा हुआ.

11 अप्रैल को सिक्किम में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली. लेकिन परिणाम के कुछ महीनों बाद कुछ ऐसी घटना घटी कि बीजेपी राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी बन गई. दरअसल सिक्किम में 25 सालों तक शासन करने वाली सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के 10 विधायक रातोंरात पाला बदलकर बीजेपी में शामिल हो गए थे.

21 अक्टूबर को हरियाणा में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी को 90 में सिर्फ 40 सीटों पर जीत हासिल हुई. पिछले चुनावों में बीजेपी के पास 47 सीटें आई थीं. हरियाणा में सरकार बनाने के लिए 46 विधायक चाहिए इस वजह से बीजेपी को जननायक जनता पार्टी से गठबंधन करना पड़ा.

21 अक्टूबर को महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी को 105 सीटों पर जीत मिली. इससे पहले के चुनाव में बीजेपी को कुल 122 सीटों पर जीत मिली थी. यानी चुनावों में बीजेपी को कुल 17 सीटों का नुकसान हुआ.

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लोकसभा चुनावों में मिली जबरदस्त जीत

आपको याद दिला दें कि महाराष्ट्र से पहले हिंदी पट्टी के मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे तीन बड़े राज्य बीजेपी के हाथ से निकल चुके हैं. लेकिन यहां यह भी गौर करने वाली बात है कि मुश्किल से 7 महीने पहले बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए भारी जीत हासिल की थी. बीजेपी ने लोकसभा की 543 सीटों में से 303 सीटें हासिल की थीं जो कि कुल सीटों का करीब 56 फीसदी है.

जब इन आंकड़ों को विधानसभा क्षेत्रों से मिलाया गया तो पता चला कि लोकसभा चुनावों में कुल 4120 विधानसभा सीटों में से 2089 पर बीजेपी पहले नंबर पर थी. यानी लोकसभा चुनाव 2019 में मोदी के नेतृत्व में बीजेपी 51 प्रतिशत विधानसभा सीटों पर जीती.

केंद्र में मजबूत, राज्यों में कमजोर

इंडिया टुडे के डाटा इं​टेलीजेंस यूनिट (DIU) ने लोकसभा चुनाव परिणाम का विधानसभाओं के आधार पर विश्लेषण किया और इसकी तुलना विधानसभाओं में (28 नवंबर 2019 तक के) मौजूदा प्रतिनिधित्व से की. हमने पाया कि बीजेपी केंद्र में तो ताकतवर है, लेकिन राज्य विधानसभाओं में कमजोर पड़ रही है. राज्यों में स्थानीय पार्टियों की पकड़ मजबूत है.

हालांकि, जब हमने 2014 से नवंबर 2019 तक विधानसभा चुनावों के आंकड़ों का अध्ययन किया तो सामने आया कि फिलहाल बीजेपी कुल 32 फीसदी विधानसभाओं में सत्ता में है.

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देश के 40 फीसदी हिस्से पर चल रही है बीजेपी सत्ता

एक रिपोर्ट में हमने आपको यह भी बताया था कि दिसंबर, 2017 में बीजेपी का शासन देश के 71 फीसदी भूभाग पर था लेकिन नवंबर 2019 में बीजेपी का शासन घटकर 40 प्रतिशत तक सिमट गया. इसके बावजूद भी बीजेपी देश में सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी हुई है.

बीजेपी के पास सबसे ज्यादा विधायक

यहां एक रोचक तथ्य आपको और बता दें कि बीजेपी के पास दलवार सबसे ज्यादा विधायक हैं. बीजेपी के पास फिलहाल 1326 (32 फीसदी) विधायक हैं जो कि देश में किसी एक पार्टी के पास विधायकों की सबसे अधिक संख्या है. वहीं कांग्रेस 846 (20 फीसदी) विधायकों के साथ दूसरे नंबर पर बनी हुई है.

एक बात और निकल कर सामने आई है कि सामूहिक रूप से स्थानीय और राज्य स्तरीय पार्टियों के पास सबसे ज्यादा विधायक हैं. देश भर के कुल विधायकों की संख्या में से 43 फीसदी विधायक स्थानीय और राज्य स्तरीय पार्टियों के पास हैं. बाकी बची सीटें या तो खाली हैं या फिर वहां से कोई निर्दलीय प्रत्याशी जीता है.

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