कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रिय रंजन दासमुंशी का 72 वर्ष की आयु में दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वह लंबे वक्त से बीमार चले रहे थे और साल 2008 से ही कोमा में थे. अस्पताल प्रशासन के मुताबिक पिछले एक महीने से उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी और उनका निधन सोमवार दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर हुआ. निधन के समय उनकी पत्नी और बेटे अस्पताल में मौजूद थे.
साल 2008 में अटैक के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अटैक के बाद से ही वह बोलने में अक्षम थे. जानकारी के मुताबिक उनके शारीरिक तंत्र ने काम करना बंद कर दिया था और वह मशीन की मदद से सांस ले रहे थे. बीमार पड़ने से पहले दासमुंशी ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) को संचालित कर रहे थे. वह पश्चिम बंगाल के रायगढ़ से सांसद भी रह चुके थे. उनके निधन पर कांग्रेस पार्टी समेत कई नेताओं ने गहरा दुख जताया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंशी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, 'वह एक मशहूर नेता थे जिनके पास काफी अच्छा प्रशासनिक अनुभव था, फुटबॉल को भारत में ख्याति दिलाने में उनका अहम योगदान है, उनके निधन का दुख है और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं.'
कांग्रेस पार्टी की ओर से मुंशी के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए ट्वीट किया गया कि पार्टी को गहरा दुख पहुंचा है और उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा, खासतौर पर फुटबॉल के क्षेत्र में. भारत के स्टार फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि उनके निधन का दुख है. मुंशी के नेतृत्व में भारतीय फुटबॉल आगे बढ़ी है.
अनुग्रह मिश्र